आंध्र प्रदेश के गुंटूर में एक चार साल का मासूम अावारा कुत्तों का शिकार बन गया, इसके बाद बच्चे का जो हश्र हुआ उसकी शायद कोई कल्पना भी नहीं कर सकता.

घटना बीते 21 सितबंर शाम की है. प्रवीण और उसकी बड़ी बहन मोहल्ले में खेलने के लिए निकले थे, तभी अचानक से 17 आवारा कुत्तों के झुंड ने प्रवीण पर हमला बोल दिया. प्रवीण जब तक कुछ समझ पाता कि कुत्तों ने उसकी गर्दन, हाथ-पैर, चेहरा और पैरों को नोच-नोच कर उसे खून से लथपथ कर दिया. घटना की सबसे हैरान कर देने वाली बात ये है कि इस बीच करीब 30 मिनट प्रवीण लोगों से मदद मांगता रहा, लेकिन तमाशबीन बने लोग घटना का वीडियो बनाते रहे पर किसी ने भी उसकी मदद करना उचित नहीं समझा.

प्रवीण की मां ने अपने पड़ोसियों पर आरोप लगाते हुए कहा, 'हमारे पड़ोसियों ने प्रवीण के चीखने की आवाज़ सुनी और तड़पते हुए भी देखा फिर भी वो उसे बचाने के बजाए, वो उसका वीडियो बनाते रहे.'
वहीं घटना के बारे में बात करते हुए चाइल्ड राइट असोसिएशन के अध्यक्ष अच्युत राव ने बताया, 'मृतक की मां ने पिछले हफ़्ते आवारा कुत्तों को लेकर नगर निगम से शिकायत की थी, लेकिन कोई सख़्त कदम नहीं उठाया गया.' इसके साथ उन्होंने नगर निगम के इस रवैये को ग़ैरज़िम्मेदाराना भी बताया है.

कुत्तों द्वारा किए हमले से बच्चा इतनी बुरी तरह ज़ख्मी हो चुका था कि जब तक प्रवीण को अस्पताल ले जाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

बच्चे के माता-पिता दिहाड़ी मजदूर हैं. वहीं राव ने नगर निगम के खिलाफ़ कार्यवाही के लिए मानवधिकार आयोग से संपर्क भी किया है.

Source : Dailymail