कुछ दिनों पहले राजस्थान के जोधपुर, बाड़मेर के कुछ ग्रामीण इलाकों में रात के समय महिलाओं के बाल काटने की घटनाएं सामने आ रही है. लोगों में इस बात को ले कर इतना ख़ौफ फैल चुका है कि वो खुद अपने ही घर में डर कर रह रहे हैं.

हालांकि, इस बारे में जब इलाके के पुलिस अधीक्षक से बात की गई थी, तो उन्होंने इसे अन्धविश्वास में फैली एक अफ़वाह कहा था. पहली नज़र में उनकी बात से लोग सहमत भी नज़र आ रहे थे क्योंकि ये ख़बर जिन इलाकों से आ रही थी वो साक्षारता के मामले में काफ़ी पीछे थे.

लोग इन ख़बरों को नज़रअंदाज़ करने ही लगे थे कि हरियाणा, दिल्ली समेत गाज़ियाबाद में ऐसी घटनायें सामने आने लगी. बीते मंगलवार को ही बाहरी दिल्ली के रणहौला इलाके में महिला की चोटी काटने का मामला सामने आया था. इससे एक दिन पहले भी कांगनहेड़ी और पालम में महिला की चोटी काटने की ख़बर सामने आई थी.

गाज़ियाबाद में भी एक 24 साल की महिला इसका शिकार हुई थी, जिसका कहना था कि 'जब वो अपने बच्चों को स्कूल से ले कर आ रही थी, तो एक परछाई उसका पीछा करने लगी. जैसे ही वो घर पहुंची किसी ने उसकी चोटी काट ली.'

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इन मामलों को ले कर अभी अफ़वाह का दौर संभला भी नहीं था कि आगरा में भीड़ ने एक बुज़ुर्ग महिला को डायन बता पीट-पीट कर मार डाला. ख़बर के मुताबिक, महिला मानसिक रूप से पीड़ित थी और रात के समय अपने घर का रास्ता भूल कर पास की ही एक कॉलोनी में पहुंच गई, जहां एक लड़की अपने घर के बाहर सो रही थी. लड़की बुज़ुर्ग को देख कर डर गई और शोर मचाने लगी. महिला को रात के समय देख कर लोगों ने उसे पीटना शुरू कर दिया. पुलिस ने इस बाबत दो लोगों पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

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खुद एक रीडर अंशुल जैन ने हमें संपर्क कर अपने यहां हुए एक ऐसे ही हादसे के बारे में बताया है. इस व्यक्ति के मानें, तो ये हादसा राजस्थान के कामां गांव का है.

अंशुल ने हमें बताया कि सिर्फ़ रात के अंधेरे में ही नहीं, बल्कि दिन में काम करते और खाना बनाते समय भी महिलायें इसका शिकार हो रही हैं. अंशुल ने आगे कहा कि जिन महिलाओं के बाल काटे जा रहे हैं, वो 2-3 घंटे के लिए बेहोश हो जाती हैं और डर की वजह से कुछ नहीं बता पाती.

अब ये अफ़वाह है या हकीक़त अभी कहना मुश्किल है, पर एक बात तो साफ़ है कि अभी हालात थोड़े सही नहीं हैं, तो सावधान रहिये, सुरक्षित रहिये.