पूर्व राष्ट्रपति और मशहूर वैज्ञानिक अब्दुल कलाम कहा करते थे कि 'सपने सिर्फ़ उनके ही सच होते हैं, जो उन्हें पूरा करने की काबिलियत रखते हैं.' शायद यही वजह है कि कई लोगों के सपने सिर्फ़ सपने बन कर जाते हैं. आज बहुत ही कम लोग ऐसे हैं, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए सब कुछ छोड़ कर उनके पीछे पड़ जाते हैं. ऐसा ही एक शख़्स हमें मुंबई में मिला, जिसने अपने सपने को पूरा करने के लिए अपनी कॉर्पोरेट जॉब तक को छोड़ दिया.

'Humans of Bombay' ने एक ऐसे ही शख़्स की कहानी को सोशल मीडिया पर शेयर किया है. इस शख़्स ने बताया कि 'काफ़ी सोचने के बाद मैंने निर्णय लिया कि मैं अपनी जॉब छोड़ कर अपना सारा ध्यान PhD के एंट्रेंस के लिए लगाऊंगा, पर ये निर्णय इतना आसान नहीं था, क्योंकि घर चलाने के लिए पैसों की भी ज़रूरत थी. इसके लिए मैंने पढ़ाई के साथ-साथ कैब चलाने का फ़ैसला लिया.'

माइक्रोबायोलॉजी में BSc और मार्केटिंग में MBA करने के बाद यदि कोई आदमी कैब ड्राइवर बनने के बारे में सोचता है, तो समाज उसके फ़ैसले पर सवाल ज़रूर करता है. ऐसा ही कुछ इस शख़्स के साथ भी हुआ, पर ये अपने फ़ैसले अडिग थे. उनका कहना है कि 'ड्राइविंग के दौरान मैं नए-नए लोगों से मिला. पढ़ाई के साथ भी मेरा घर अच्छे से चल रहा , था. लोग मुझे ड्राइवर कहते थे और इसे मैं ख़ुशी के साथ स्वीकार भी करता था.'

इस शख़्स ने अपनी कार में लोगों को घर जैसा माहौल देने के लिए कुछ ज़रूरी बदलाव किये, जिसमें इन्होंने कार में मैगज़ीन के साथ-साथ Wifi, कॉफ़ी और बिस्कुट के अलावा अपनी पसंद के संगीत की भी व्यवस्था की.

काम और पढ़ाई के अलावा भी ये शख़्स लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है. हाल ही में मुंबई बाढ़ के दौरान भी उन्होंने एक लड़की की मदद की थी, जिसे लड़की ने फेसबुक पोस्ट के ज़रिये शेयर भी किया था.