पिछले महीने मुंबई के एक BEST ड्राइवर और कंडक्टर की ख़बर वायरल हो रही थी कि जो आधी रात में महिला को बस से उतारने के बाद वहां से तब तक नहीं गए, जब तक कि महिला को ऑटो रिक्शा नहीं मिल गया. सोशल मीडिया पर उनकी बहुत तारीफ़ भी हो रही थी. ऐसा ही मानवता भरा मामला Uber कैब ड्राइवर का आ रहा है, जिसने दो महिलाओं की मदद कर लोगों का दिल जीत लिया है. इस ड्राइवर का नाम संतोष है और महिला सुरक्षा का सटीक उदाहरण पेश किया है इसने.

जहां एक तरफ कैब ड्रइवरों की अश्लील हरकतें सुनने को मिलती हैं, वहीं इस संतोष ने जो किया वो काबिलेतारीफ है.

अमूमन देखा जाता है कि कैब ड्राइवर्स अपने पैसेंजर को उसके गंतव्य पर उतारकर दूसरी सवारी के लिए आगे बढ़ जाते हैं. लेकिन Uber के लिए कैब चलाने वाले संतोष ऐसे नहीं हैं. उन्होंने महिला सुरक्षा और इंसानियत को ड्यूटी से ऊपर समझा. दरअसल, जब संतोष ने देखा कि उसकी कैब से उतरी दो महिलायें बिल्डिंग के बाहर ही खड़ी थीं. लेट होने की वजह से बिल्डिंग का गेट बंद हो गया था. मगर वो देर रात की परवाह किये बिना डेढ़ घंटे तक वहां खड़े रहे, जब तक कि वो दोनों महिलायें अंदर नहीं चली गयीं.

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संतोष की इंसानियत और अच्छाई से प्रभावित हो कर Priyashmita Guha, ने ट्वीट करते हुए लिखा,

@Uber_India मैं आपको आपके ड्राइवर संतोष के बारे में कुछ बताना चाहती हूं. पिछली रात जहां मैं रहती हूं, वहां का गेट बंद हो गया था. रात के 1 बज रहे थे. पर संतोष जी ने जाने से मना कर दिया और वो डेढ़ घंटे तक वहीं रुके रहे, जब तक कि हम अंदर नहीं चले गए. हमारी सुरक्षा के लिए वो रुके रहे, इसके लिए मैं और मेरी मां हमेशा उनकी आभारी रहेंगी.

इसके साथ ही Priyashmita ने संतोष की तारीफ़ करते हुए लिखा कि हमने देखा कि कैसे उन्होंने एक के बाद एक पैसेंजर्स की बुकिंग को ये बोल कर ठुकरा दिया कि वो रात में दो महिलाओं को अकेला नहीं छोड़ सकते.

Priyashmita के इस दिल को छू लेने वाले ट्वीट पर जवाब देते हुए Uber India ने लिखा, मुसीबत के वक़्त में अपनी ड्यूटी और फायदे के बारे में न सोचकर किसी की मदद करना वास्तव में एक सराहनीय कदम है. हमें #uberstar संतोष पर गर्व है. हम संतोष के इस नेक विचार की सराहना करते हैं. कई ट्विटर यूज़र्स संतोष के प्रशंसा कर रहे हैं.

एक यूज़र ने लिखा, 'आज के समाज में फैली कई तरह की विषम परिस्थितियों के इतर इस शख़्स ने उम्मीद की एक किरण दिखाई है, ऐसे लोग मानवता में विश्वास कायम करते हैं.'

वहीं एक यूज़र ने लिखा, 'ये आशा की अद्भुत कहानी है. भारत में महिला सुरक्षा के लिए अभी ऐसे बहुत से कदम उठाने की ज़रूरत है. संतोष जैसे पुरुष ही समाज के नज़रिये को बदल सकते हैं.'

सोशल मीडिया पर लोग इस ड्राइवर की ख़ूब तारीफ़ कर रहे हैं.

हमारे समाज में आज के समय में कम ही लोग संतोष जैसे हैं, जो महिला सुरक्षा को भी अपनी ड्यूटी मानते हैं.

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