लहराते जंगल हों, खेलते बच्चे हों या बहती नदी हो, हर चीज़ अपने प्राकृतिक स्वरूप में ख़ूबसूरत लगती है. मगर कई बार प्रकृति कुछ लोगों या जगहों को एक ख़ास किस्म की ख़ूबसूरती देकर अपनी ताकत का एहसास करवाना नहीं भूलती. ऐसी चीज़ें देखकर ही हमें एहसास होता है कि इन्सान चाहे जितनी तरक्की कर ले, प्रकृति को पूरा-पूरा समझ पाना उसके लिए मुश्किल ही रहेगा.

आज हम आपको बताएंगे एक ऐसी ही नदी के बारे में, जिसे प्रकृति ने सौंपी है एक अलग सी ख़ूबसूरती, जिसे सामने से देखकर भी यक़ीन कर पाना ज़रा मुश्किल हो सकता है.

ये नदी है Colombia की Cano Cristales. इसकी ख़ासियत ये है कि ये नदी बदलते मौसम के साथ अपना रंग बदलती है. किसी ख़ास महीने में इसका रंग भी ख़ास होता है. ये लाल, नीली, पीली, हरी और नारंगी हो सकती है. इसीलिए इसे 'Liquid Rainbow' कहते हैं.

सन 2000 से पहले यहां हिंसक गतिविधियों वाले कुछ गुट सक्रिय थे, जिस वजह से इस नदी के आस-पास के इलाके को सुरक्षित नहीं समझा जाता था. मगर अब यहां 30 किलोमीटर क्षेत्र में Colombian Military का अधिकार है, जहां आप आराम से घूम सकते हैं.

कुछ लोग नदी को देखकर ये सोचते हैं कि इसका रंग किसी Algae या Moss से आता है मगर ये हक़ीक़त ये नहीं है. असल में ये कमाल है Macarenia Clavigera नाम के एक पौधे का, जिसे एक ख़ास मौसम में निश्चित जल-सीमा और निश्चित मात्रा में सूरज की रौशनी मिले, तो ये रंग बदलता है. इस रंग मिज़ाज नदी की ख़ूबसूरती आप सिर्फ़ जून से दिसम्बर तक देख सकते हैं. जनवरी से मई तक गर्मी के कारण पर्यटकों के लिए इस जगह को बंद रखा जाता है.

अमूमन इस नदी का रंग हल्का या गहरा गुलाबी और हल्का या गहरा लाल होता है मगर कभी-कभी इसका रंग नीला, पीला, नारंगी और हरा भी हो जाता है. दुनियाभर में कम लोकप्रिय होने की वजह से यहां विदेशी पर्यटक भले कम आते हैं मगर स्थानीय लोगों के लिए वीकेंड पिकनिक की ये पसंदीदा जगह है. उसकी वजह इस रंग बदलती नदी के अलावा यहां की प्राकृतिक ख़ूबसूरती है.

प्रकृति की इस ख़ूबसूरती के बरक़रार रखने के लिए यहां कुछ नियम भी बनाए गए हैं, जैसे एक ग्रुप में 7 से ज़्यादा लोग यहां नहीं जा सकते और एक दिन में 200 से ज़्यादा लोगों को इस क्षेत्र में जाने की इजाज़त नहीं है.

अगर आप भी कभी कोलंबिया जाएं, तो इस नदी को देखना मत भूलिएगा. ये नदी प्रकृति की अद्भुत कलाकारी का एक नमूना है. ये सफ़र आपको रोमांचकारी लगेगा.

Source: BBC