हम में से बहुत से लोग बोर्ड पर लिखी चेतावनियों को नज़रअंदाज़ करके आगे बढ़ जाते हैं, पर कई बार चेतावनी को नज़रअंदाज़ करना काफ़ी महंगा साबित हो सकता है. अब जैसे बंगलुरु के 26 वर्षीय मुदित दंडवते का किस्सा ही देख लीजिये, जो फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की आज्ञा लिए बिना ही जंगल के प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच गए और एक मगरमच्छ के हमले का शिकार हो गए.

NDTV की ख़बर के मुताबिक, मुदित IIT से पासआउट हैं और एक स्टार्टअप कंपनी के CEO हैं. अपने दोस्तों और दो कुत्तों के साथ मुदित रामनगरम डिस्ट्रिक्ट के मंदिर में घूमने के लिए गए हुए थे, जहां उनके कुत्ते भाग कर जंगल की ओर पानी में चले गए. कुत्तों को पानी से निकालने के मुदित वहां पहुंचे कि मगरमछ ने उन पर हमला कर दिया.

इस हमले में मगरमछ ने उनका बांया हाथ कोहनी से अलग कर दिया. हमले के बाद मुदित को पास के एक हॉस्पिटल एडमिट कराया गया, जहां से उन्हें Hosmat हॉस्पिटल रेफ़र किया गया. मुदित का इलाज कर रहे डॉक्टर अजित बेनेडिक्ट रयान का कहना है कि 'मुदित के हाथ को दोबारा जोड़ने की संभावना बहुत कम है, क्योंकि मगरमच्छ अब तक उसे खा गया होगा. मुदित की हालत अब स्थिर है और उसे ICU से छुट्टी दे गई है.'

रामनगरम के SP रमेश का कहना है कि 'इस बाबत कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है. हालांकि, मुदित और उनके दोस्तों के ख़िलाफ़ प्रतिबंधित इलाके में बिना आज्ञा के जाने संबंधी मामले का केस रजिस्टर किया गया है.'

Source: ndtv