हमारे पेरेंट्स हमेशा हमको अच्छे से अच्छे स्कूल या कॉलेज में भेजने की कोशिश करते हैं और चाहते हैं कि हम एक अच्छे इंसान के साथ-साथ सफ़ल भी हों. लेकिन जब बात होती है कॉलेज के लिए अपने शहर को छोड़कर दूसरे शहर में जाकर पढ़ाई करने की पेरेंट्स तो पेरेंट्स, बच्चों को भी कई सवाल घेर लेते हैं. जैसे कि क्या हम घर से दूर रह पाएंगे, पढ़ाई कर पाएंगे? क्या दूसरे शहर के लोगों के साथ एडजस्ट कर पाएंगे? घर और ऐसे सवाल इसलिए भी मन में आने लगते हैं क्योंकि अपने घर और शहर में रहने के हम आदि हो चुके होते हैं. किसी काम के लिए ज़्यादा मेहनत नहीं लगती कभी मम्मी की, तो कभी पापा या बड़े भाई-बहन की मदद मिल जाती है. और हम एक कम्फ़र्ट ज़ोन के आदि हो जाते हैं. इस वजह से हम दूसरों पर निर्भर होने लगते हैं. वहीं अगर हम बाहर रहते हैं तब हमें अपने सारे काम खुद करने पड़ते हैं और तब हम अपने पैरों पर खड़ा होना सीखते हैं.

आज हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि बाहर रहकर पढ़ने के कई फ़ायदे हैं:

1. दोबारा मौका नहीं मिलेगा

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कॉलेज के लिए एक नए शहर में जाना कई हद तक 'जीवन भर में एक बार' का सौदा है, आप अपने जीवन में किसी भी टाइम ट्रैवल कर सकते हैं, लेकिन अभी आपके ऊपर कोई जिम्मेदारियां नहीं हैं, आपको सिर्फ़ अपनी पढ़ाई, और किससे दोस्ती करनी या किससे नहीं, इन सब के बारे में सोचना है. आप पर किसी भी तरह का कोई प्रेशर नहीं है. इसलिए आपके पास ग्रो करने का, इंडिपेंडेंट बनने का ज़्यादा मौका है. शहर तो कई बार नौकरी करते वक़्त भी बदलना पड़ता है पर जब बच्चा कॉलेज के लिए किसी नए शहर में जाता है, तब वो असल में आत्मनिर्भर बनता है.

2. ये एक नई शुरुआत होती है

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लगभग 14 सालों तक लगातार वही सेम स्कूल ड्रेस पहनकर स्कूल जाने के बाद, कॉलेज की दुनिया बहुत नई होती है. नए लोग मिलते हैं, नया कल्चर होता है एक अलग तरीके का लाइफ़ स्टाइल होता है और अगर आपका शहर भी नया हो, तो ये वाक़ई में एक नई शुरुआत होती है. नए शहर में आप अपनी एक नई पहचान बना सकते हैं. यदि आप चाहें तो पूरी तरह से ख़ुद को फिर से शुरू कर सकते हैं.

3. Best Friend भी यही मिलते हैं

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कॉलेज में जाने से पहले आपके बहुत सारे बचपन के दोस्त होते हैं जिन लोगों को आप काफ़ी टाइम से जानते हैं, लेकिन जब आप कॉलेज में आते हैं ऐसे लोगों से मिलते हैं, जो आपके लिए एकदम अनजान और आप उनके लिए अनजान होते हैं. इस दौरान आपके अंदर एक स्किल डेवलप होता है कि लोगों की पहचान करनी आपको आती है. आप किसे अपना दोस्त बनाना चाहते हैं और किसे नहीं ये पूरी तरह से आप पर निर्भर करेगा। कई सारे लोगों में से आप कुछ ऐसे दोस्त बनाएंगे जो हमेशा आपके साथ खड़े होंगे, शायद जीवन भर के लिए. इनके साथ अजनबी शहर में अकेले होने पर भी आपको अकेला पन महसूस नहीं होगा और ख़ुशी या गम बांटने के लिए आपके साथ कोई खड़ा होगा। और ये होंगे आपके दोस्त, जिनके साथ आप अपना सबसे ज़्यादा समय बितायेगें और आपके best friend बन जाएंगे।

4. आप इंडिपेंडेंट बनते हैं

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ये एक शहर से दूसरे शहर जाने का सबसे बड़ा फ़ायदा है. नये शहर में अकेले और अंजान होने का डर सही मायने में आपकी Personality को मजबूत बना देता है और आप इसके कारण बहुत अधिक इंडिपेंडेंट बन जाते हैं. जब आप अपने सारे छोटे-बड़े काम जैसे कपड़े धोना, खाना बनाना या बीमार पड़ने पर खुद डॉक्टर के पास जायेंगे, तब आप खुद ये महसूस करेंगे कि आप कितने आत्मनिर्भर हो गए हैं. साथ ही आपको दुनियादारी की समझ भी आती है.

5.पैसे की समझ

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जब तक हम अपने घर पर रहते हैं, तब तक हम Financially अपने पेरेंट्स पर ही डिपेंडेंट होते हैं. न ही घर का किराया देना होता है और न ही बिजली का बिल भरना पड़ता है. और जब जो मन किया वो खाना भी मिल जाता है. लेकिन जब हम घर से दूर दूसरे शहर में रहना शुरू करते हैं, तो आटे-दाल का भाव समझ आता है. वैसे तो घर से हर महीने पैसे मिलते रहते हैं, लेकिन अकेले रहने पर एक-एक पैसे का हिसाब रखना आता है. फ़िज़ूलखर्ची का असली मतलब समझ आता है. घर पर होते हैं तब पॉकेट मनी ख़त्म होने पर मां से चुपके से पैसे ले लेतें हैं, लेकिन बाहर मां नहीं होती, जो अपने ख़ज़ाने में से पैसे निकाल कर दे दे. इसके अलावा खर्चों पर कंट्रोल करना भी सीख जाते हैं हम बाहर रह कर.

6. घर की कीमत समझेंगे.

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जब आप अपने कॉलेज के माहौल में घुल-मिल जाते हैं और खुद का एक रूटीन बना लेते हैं, तो आपको आपके घर का महत्व समझ में आने लगता है. जब आप अपने लिए खाना बनाते हैं, तो आपको याद आता है कि आपकी मां का खाना कितना अच्छा है. जब आप रात में सोते हैं, तो आपको याद आता है कि घर पर आपका बिस्तर कितना आरामदायक था और जब आप किसी त्यौहार पर घर नहीं जा पाते, तब आपको परिवार की अहमियत समझ आती है और एक अलग ही बेचैनी होती है, लेकिन उस बेचैनी से आप लड़ना सीखते हैं और अपने अंदर एक कॉन्फ़िडेंस जगातें हैं.