दुनिया काफ़ी रफ़्तार से आगे बढ़ आ रही है. पहले जहां हम ज़रूरी नोट्स लिखने के लिए पेन और पेंसिल का इस्तेमाल करते थे, तो वहीं अब मोबाइल फ़ोन या लैपटॉप पर लिखना हमारी आदत बन चुका है.

बाकि सब तो ठीक है, लेकिन ये नई टेक्नोलॉजी आपके बच्चों के लिए काफ़ी घातक साबित हो सकती है. इस पर वैज्ञानिकों का कहना है कि आज के बच्चे टचस्क्रीन टेक्नोलॉजी के इतने ज़्यादा आदी हो चुके हैं कि वो पेन और पेंसिल को अच्छी तरह पकड़ नहीं पाते हैं. यही वजह है कि उनकी उंगलियों की मांसपेशियां भी कमज़ोर हैं.

NHS Foundation England के हेड Sally Payne का कहना है, 'स्कूल में प्रवेश करने वाले बच्चों को पेंसिल दी जा रही है, लेकिन वो उसे पकड़ने में सक्षम नहीं है और इसका कारण है कि उनके अंदर फ़ंडामेंटल मूवमेंट्स की कमी होना. पेंसिल को सही से पकड़ने और उसका इस्तेमाल करने के लिए उंगलियों की मांसपेशियां मज़बूत और नियंत्रित होनी चाहिए, जो कि आजकल के बच्चों में नहीं पाई जाती.'

iPads का इस्तेमाल करने के कारण बच्चों की ऊंगलियों को बढ़ने का मौका नहीं मिल रहा. हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि ट्रेडिशनल एक्टिविटी और खिलौनों को पकड़ा कर बच्चों की ऊंगलियों की मांसपेशियों को मज़बूती मिलती है.

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वहीं Child Psychotherapist और Family Kids And Youth Research Agency के फ़ाउंडर Barbie Clarke का कहना है कि हम पहले से इस समस्या से अवगत हैं. इसीलिए बच्चों को पेन और पेंसिल का इस्तेमाल करने पर ज़ोर दे रहे हैं.

मतलब ये है कि अगर टेक्नोलॉजी के कुछ फ़ायदे हैं, तो उतने ही नुकसान भी हैं. इसीलिए अपने बच्चों को डिजिटल दुनिया से थोड़ा दूर रखिए, क्योंकि इसी में उनकी भलाई है.

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