चीन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ़ एक और कदम आगे बढ़ाया है. लूटपाट, चोरी, डकैती और अन्य घटनाओं से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है, जिसके चलते चीन में 20 मिलियन, यानि 2 करोड़ Artificial Intelligence-Equipped कैमरे स्थापित किए गए हैं. इसे दुनिया का सबसे एडवांस सर्वेलन्स सिस्टम माना जा रहा है.

इन कैमरों को एंटी-करप्शन प्रोग्राम के तहत लगाया है. इन कैमरों को 'स्काई नेट' ऑपरेशन नाम दिया गया है, कैमरों का मुख़्य काम अपराधियों को ट्रैक करना है. ये एक ऐसी तकनीकि है, जो किसी भी व्यक्ति की आयु, लिंग और कपड़े की पहचान कर, अपराधी को तलाश करने में पुलिस की मदद करेगी.

वहीं k618.cn द्वारा एक वीडियो भी पोस्ट किया गया है. इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि इस सिस्टम की मदद से किसी भी व्यक्ति के कपड़ों, लिंग और उम्र का साफ़ पता लगाया जा सकता है. इतना ही नहीं, इस सिस्टम के ज़रिए किसी वाहन की भी आसानी से पहचान की जा सकती है. यहां तक कि ये सड़क पर पैदल चल रहे, लोगों की भी स्कैनिंग करता है.

इसके साथ ही इसमें GPS सिस्टम की सुविधा भी है. मान लीजिए अगर कोई व्यक्ति किसी वारदात को अंजाम देकर फ़रार हो जाता है, तो इसके ज़रिए पुलिस आसानी से अपराधी के चेहरे के साथ-साथ उसकी लोकेशन का भी पता लगा सकती है.

Bloomberg के मुताबिक, साल 2015 में पुलिस को कुछ ऐसे बदमाशों की तलाश थी, जिन्होंने बैंक में लूटपाट कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिसके 2015 में ही 'स्काई नेट' ऑपरेशन को लॉन्च किया गया. वहीं बीते अप्रैल में चीन में Jaywalkers को पकड़ने के लिए Facial Recognition टेक्नलॉजी का प्रयोग गया था.

नागरिकों का कहना है कि इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हमारी दैनिक जीवन की निगरानी के लिए किया जा रहा है. 'xianzaihe_89' नामक का एक यूज़र ने लिखा कि अगर वाकई 'स्काई नेट' टेक्नोलॉजी काम कर रही है, तो हर रोज़ इतने बच्चों का अपहरण क्यों हो रहा है?

Source : dailymail