चाइनीज़ चीज़ों को ले कर एक कहावत मशहूर है कि 'चला तो सौ साल. नहीं चला तो शाम तक'. ख़ैर आप इनके सामान की कितनी भी बुराई कर लीजिये, पर ये भी सच है कि तकनीक के मामले में चीन, अमेरिका जैसे देशों को भी टक्कर देने में लगा हुआ है. इसी क्रम में चीन ने Xian के Shaanxi प्रान्त में दुनिया का सबसे बड़ा एयर प्यूरिफ़ाइंग टावर बनाया है, जो चीन में बढ़ रहे प्रदूषण को कम करने का काम करेगा.

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साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस टावर की ऊंचाई 328 फ़ीट के आस-पास है. इस टावर की टेस्टिंग के मौके पर Institute of Earth Environment और Chinese Academy of Sciences के रिसर्चर्स भी मौजूद थे, जिन्होंने इसे सफ़ल बताया. Cao Junji नाम के एक रिसर्चर इस अभियान की अध्यक्षता कर रहे थे. मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने बताया कि 'इस टॉवर ने पहले दिन ही 10 मिलियन क्यूबिक मीटर साफ़ हवा का उत्पादन किया. इसके साथ ही 10 किलोमीटर के दायरे में इसका असर साफ़ देखा गया.'

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इस टावर के असर को मॉनिटर करने के लिए Xian में एक दर्जन से भी ज़्यादा मॉनिटरिंग स्टेशन लगाए गए हैं. Cao के मुताबिक, ये टावर धुंध को कम कर हवा को नरम बनाने में भी सक्षम है. चीन में प्रदूषण की समस्या ऐसी है, जिसकी वजह से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसकी काफ़ी बदनामी हो चुकी है. इसी समस्या से निजाद पाने के लिए चीन ने 2015 में इस तरह के एक प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया था. ये टावर उसी प्रोजेक्ट का एक हिस्सा है. इस टावर के ज़रिये हवा में से प्रदूषकों को अलग किया जाता है.

चलों चीन तो अपनी प्रदूषण की समस्या से लड़ने के लिए तैयार हो चुका है, पर हिंदुस्तान में ऐसी शुरुआत कब तक होगी, ये देखना अभी बाकी है.

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