कुछ दिनों पहले, वर्सोवा के 26 वर्षीय ऑटोरिक्शा चालक, सईद की तस्वीर ट्विटर पर डाली गई थी. फ़ोटो में सईद अपने दो साल के बेटे को लिए, ऑटो चला रहे थे. मुंबईवालों का दिल इस तस्वीर से पिघल गया और सईद की मदद के लिए लोग आगे आने लगे.

कुछ दिनों पहले, सईद की बीवी, यासमीन को स्ट्रोक हुआ था. स्ट्रोक की वजह से यासमीन Paralyzed हो गई. काम के साथ ही सईद अपनी बीवी और बच्चों की भी देखभाल करते हैं. वे अपने बेटे को अपने साथ ही ले जाते हैं और उनकी 3 महीने की बेटी को ख्याल पड़ोसी रखते हैं.

अपने बारे में बताते हुए सईद ने कहा,

'ये हमारी ज़िन्दगी का काफ़ी मुश्किल दौर है. कई बार, यात्रियों ने मेरे बेटे को मेरे साथ देखकर, ऑटो में जाने से मना कर दिया. मैंने कई रातें भूखे सोकर बिताई हैं. कितनी बार मैं बिना किसी कमाई के ही घर वापस आ जाता हूं.'

सईद की दास्तां को फ़िल्म निर्देशक, विनोद कापड़ी ने ट्विटर पर शेयर किया और लोगों से सईद की मदद करने की अपील की.

इसके बाद ही सईद को मदद के लिए कई फ़ोन आने लगे, NGO और आम लोगों ने भी आर्थिक मदद करने के प्रस्ताव रखे.

अगली सुबह सईद के लिए खुशियों की नई किरण लेकर आई. बैंक अधिकारियों ने सईद को फ़ोन कर के बताया कि किसी अंजान आदमी ने उनके अकाउंट में पैसे डाले हैं.

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सईद ने शुक्रिया अदा करते हुए कहा,

'मेरे अकाउंट में किसी ने पैसे डाले हैं. मुझे नहीं पता किसने और कितने पैसे डाले हैं. डॉक्टर्स ने भी यासमीन का मुफ़्त इलाज करने की बात कही है. मुझे ख़ुद पर और मुंबई पर पूरा यकीन है. मैंने कभी किसी का बुरा नहीं किया और न ही अपने काम में बेईमानी की है. मैं सबका शुक्रगुज़ार हूं.'

ट्विटर जो अकसर रणभूमि बना रहता है, किसी की ज़िन्दगी भी संवार सकता है. तकनीक का अच्छे काम के लिए इस्तेमाल हो जाए, तो इससे Ideal सिचुएशन नहीं हो सकती.

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