बीते शनिवार सोनिया गांधी ने 19 साल की विरासत अपने बेटे राहुल गांधी को सौंप दी. मौका ख़ुशी और उल्लास का था. आखिरकार राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर पार्टी की कमान जो संभालने जा रहे थे. सोनिया गांधी भी इस क्षण भावुक हो गयी थीं कि तभी राहुल के समर्थकों ने कुछ ऐसा किया जिसने सोनिया गांधी को ख़फ़ा कर दिया

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दरअसल, राहुल की ताजपोशी के दौरान सोनिया मंच पर आकर जब भाषण दे रही थीं, तभी राहुल के अध्यक्ष बनने की ख़ुशी में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर पटाख़े फू़टने लगे. सोनिया गांधी का भाषण अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि उन्हें आवाज़ के कारण उसे बीच में ही रोकना पड़ा. ये सोनिया का अध्यक्ष के तौर पर आखिरी भाषण था, लेकिन पार्टी कार्यकर्ता लगातार पटाख़े जला रहे थे. हालांकि, सोनिया ने बीच-बीच में उनसे ऐसा न करने की अपील भी की, लेकिन पटाख़ों का शोर न बंद होने पर तीन बार उन्हें अपना भाषण बंद करना पड़ा.

इसके बाद राहुल गांधी को बीच में आना पड़ा और उन्होंने सोनिया को समझाया कि पांच मिनट में ये सब बंद हो जाएगा.

बता दें कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के मौके पर पटाख़े पूरी तरह से बैन कर दिए थे. उस समय कांग्रेस पार्टी ने इस फैसले का समर्थन किया था. आज वही पार्टी, खुल्लम-खुल्ला सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रही है. सोशल मीडिया पर भी लोगों ने पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा की गई आतिशबाजी को लेकर कड़ी निंदा की है.

सोनिया गांधी ही वो शख़्सियत थीं जिन्होंने डूबती हुई कांग्रेस को फिर से उबारा था. ताजपोशी के दिन सोनिया ने राहुल को शुभकामनाएं और आर्शीवाद देते हुए कांग्रेस पार्टी की कमान राहुल को दे दी.

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