क्या आपने भी क़िस्मत चमकाने वाली अंगूठी ख़रीदी है और आपकी क़िस्मत नहीं बदली है? क्या आपको भी मनचाहा वर या नौकरी देने का झांसा देकर ठगा गया है? हमें यक़ीन है कि ऐसा आपके साथ भी कभी न कभी ज़रूर हुआ होगा. क्योंकि अकसर लोगों के साथ ऐसा होता है. क़िस्मत चमकाने के लालच में बहुत से लोग नकली ज्योतिषियों के झांसे में आ जाते हैं.

2013 में 80 साल के कावादु खंडाले ने अमीर बनने की चाहत में 'स्वर्ण स्पर्श' से एक रत्न खरीदा. दुकान वाले और उनके ज्योतिषी काम न होने पर पूरे पैसे वापस करने की गैरेंटी भी दे रहे थे.

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11 फरवरी को कावादु ने इस दुकान के पूर्वी दादर ब्रांच से नीलम रत्न खरीदा. इसके बाद दुकान के दो ज्योतिषी कुमारी प्राची और शशिकांत पंड्या ने उन्हें मैसेज करके बताया कि नीलम उनके लिए अशुभ है और उन्हें पुखराज और माणिक रत्न धारण करना चाहिए. कावादु ने 2.9 लाख रुपये में नए रत्न खरीदे.

ज्योतिषियों का दावा था कि कावादु 3 महीने में करोड़पति बन जाएंगे और अगर ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें उनके पूरे पैसे वापस कर दिए जाएंगे. लेकिन 3 महीने बाद भी उनकी क़िस्मत नहीं चमकी, तो वे दुकान पर अपने पैसे वापस लेने गए. लेकिन दुकानदारों ने उन्हें पैसे वापस करन से साफ़ मना कर दिया.

मई 2014 में कावादु ने उपभोक्ता न्यायालय में शिकायत दर्ज की. जब स्वर्ण स्पर्श के मालिक, Gems & Jewellery Pvt. Ltd. को कावादु की शिकायत पर नोटिस भेजी गई तो कंपनी के मालिकों ने हर आरोप को खारिज कर दिया.

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कंपनी वालों ने कहा कि पॉलिसी के अनुसार, 30 दिन के अंदर पैसे वापस करने की स्कीम है. कंपनी ने ये भी कहा कि कावादु पर कोई प्रेशर नहीं दिया गया और उन्होंने अपनी मर्ज़ी से ही दूसरा रत्न खरीदा था.

दक्षिण मुंबई के District Consumer Disputes Redressal Forum ने कावादु के हित में ही फैसला सुनाया. कोर्ट ने कंपनी को आदेश दिया कि ठगी के मुआवज़े के रूप में, कावादु को 3.2 लाख रुपये दे.

ये आपके लिए भी एक उदाहरण है कि अगर आप भी ठगी का शिकार हुए हैं तो आप भी उपभोक्ता कोर्ट में शिकायत दर्ज कराएं.

Source: Mid Day