नोटबंदी के दौर में जब लोग कैश की किल्लत से जूझ रहे हैं, दिल्ली पुलिस के एक ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर ने ईमादारी की मिसाल पेश की है. मदन सिंह नाम के सब-इंस्पेक्टर ने एक व्यक्ति को उसका खोया हुआ पर्स लौटाया, जिसमें 50 हजार रुपये कैश के अलावा डेबिट और क्रेडिट कार्ड थे. पर्स के मालिक ने जब यह बात फेसबुक पर शेयर की तो यह वायरल हो गया, लोग सब-इंस्पेक्टर को सलाम कर रहे हैं.

ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर मदन सिंह

जगप्रीत सिंह ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की फेसबुक वॉल पर रविवार को लिखा, 'मैं दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर मदन सिंह की ईमानदारी साझा कर रहा हूं, जिनका आईडी नंबर 6149 है. 7 जनवरी 2017 को मेरा पर्स निजामुद्दीन खाटा के पास खो गया, जब मैं अपनी खराब हो चुकी कार को धकेल रहा था.' प्रीत विहार निवासी ने लिखा, 'जब मैं घर पहुंचा तो कार में और घर में अपना वॉलेट सर्च किया, लेकिन कहीं नहीं मिला, कुछ समय बाद मुझे सब-इंस्पेक्टर मदन सिंह का फोन आया और बताया कि मेरा पर्स उनके पास है.'

फेसबुक पर उन्होंने बताया कि पर्स पर एक साइकिल सवार की नजर पड़ी और वह इसे उठा रहा था, तभी मदन सिंह ने उसे देखा और रोक लिया. उन्होंने इस पर्स को अपने कब्जे में ले लिया. इसमें विदेशी करंसी सहित करीब 50 हजार रुपये थे. इसमें डेबिट और क्रेडिट कार्ड के अलावा जरूरी पहचान पत्र थे. विजिटिंग कार्ड के जरिए मदन सिंह ने जगप्रीत से संपर्क किया. उन्होंने इसे वहीं से ले जाने को कहा, जहां यह खोया था.

जगप्रीत.

जगप्रीत के मुताबिक, 'मैं स्पॉट पर पहुंचा तो यह देखकर हैरान रह गया कि वॉलेट में सब कुछ जस का तस था. मैं इस ट्रैफिक पुलिसकर्मी की ईमानदारी को सल्यूट करता हूं.' जगप्रीत ने मदन सिंह को इनाम देने की भी कोशिश की, जिसे उन्होंने विनम्रता से अस्वीकार कर दिया. उन्होंने लिखा है, 'याद रखें पुलिस में अच्छे लोग हैं और वे हमेशा हमारी मदद करेंगे.' जगप्रीत ने दिल्ली पुलिस से अपील की कि मदन सिंह की ईमानदारी को प्रोत्साहित किया जाए.

source: TOI