"ओए तुझे लाइसेन्स किसने दिया?"

“हां थोड़ा और दाएं, नहीं-नहीं, स्टीर्यिंग उस तरफ न न! अरे मैडम लाओ हम पार्क कर देते हैं!”

“गाड़ी चलानी आती नहीं है, निकल आती हैं सड़क पे!”

“तू चलाएगी? पक्का? देख ले भाई इंश्योरेंस नहीं है मेरा! हा हा हा हा!”

“अबे यार तुम रुक जाओ किसी और से बैक करा लेते हैं!”

"ओ भैय्या हठ जाओ रास्ते से ये उड़ा देगी वरना!"

“ओए ऐसे ओवरटेक नहीं करते, क्या कर रही है यार!!!!!”

Source: Pinterest

उफ़! ये सारे जुमले आपने ज़रूर सुनें होंगे अगर आप एक लेडी ड्राईवर हैं, पता नहीं लोगों के दिमाग़ का ये क्या फ़ितूर है कि औरतें कभी अच्छी गाड़ी चला ही नहीं सकतीं! और न जाने ये कहां से शुरू हुआ है, और तो और ये सोच आख़िर बंद कब होगी? लेडी ड्राइवर्स को हमेशा से ही सड़कों पर तंज़ कसा गया है, अब तो इन्टरनेट पर मीम भी बनने लगें हैं!

सड़क है या किसी जंग का मैदान?

मैं जब भी अपनी गाड़ी लेकर निकलती हूं, तो यही सोचती हूं कि न जाने आज किस बेतुकी वजह से किस व्यक्ति के ताने सुनने मिल जायेंगे. चाहे इंडिकेटर दे कर ही लेन चेंज क्यों न करूं, लेकिन तब भी पीछे से खिड़की के बाहर सर निकाले एक "I know everything" जनाब कि आवाज़ ट्रैफ़िक के शोर को चीरती हुई ज़रूर आएगी "ओहो मैडम क्या? क्या कर रहे हो?" और आप बस प्रश्नचिन्ह लिए उस व्यक्ति को देखेंगी जब तक आपको वो ओवेरटेक कर के भाग न जाए! यहां तक कि आप किसी मोड़ पर हैं, और बस दायें मुड़ने ही वाली हैं, तो बगल में बैठे शख़्स ज़रूर कहेंगे "इंडीकेटर दे दो!" फिर चाहे आपने इंडीकेटर पहले से दिया हुआ हो.

ज़ाहिर है कि अब हम सभी ऊब चुकीं हैं इन बेमतलब के तानों और मुफ़्त की सलाह से! अब तो इस बारे में किसी से बातचीत करना या उसे समझाना भी फ़िज़ूल का काम और वक़्त कि बर्बादी ही लगता है.

Source: Weekly Roshni

कैसे समझाएं उन्हें, जो समझना नहीं चाहते.

आख़िर बात करना शुरू कहां से करें... फ़ेमिनिज़्म (नारीवाद) से या पितृसत्ता से या फिर पुरुष प्रधान इन सड़कों से? ख़ैर, अब तक हुई कई रिसर्च ये साबित कर चुकी हैं कि लेडी ड्राइवर्स की वजह से सबसे कम एक्सीडेंट्स होते हैं. साथ ही लेडी ड्राइवर्स हर तरह की सुरक्षा का ध्यान रखती हैं, जैसे:

- सीट बेल्ट का इस्तेमाल करना,

- गति सीमा में रहकर गाड़ी चलाना,

- और सबसे ज़रूरी फ़ोन का इस्तेमाल करते हुए गाड़ी न चलायें.

लेडी ड्राइवर्स इस तरह के हर ट्रैफ़िक नियमों का पालन करती हैं. बावजूद इसके उनके हिस्से ताने ही आते हैं.

हमारे देश में जहां महिला ट्रक ड्राइवर्स से लेकर कैब ड्राइवर्स तक मौजूद हैं, वहां आज भी ऐसी बातें सुनना किस महिला को अजीब नहीं लगेगा?

Source: Lizdabe Contently

ये घूरना कब बंद होगा?

दोस्तों! ये तो रही लेडी ड्राइवर्स के ड्राइविंग स्टाइल/स्किल्स पर ताने कसने कि बात, अब करते हैं उन्हें घूरने की बात, घूरते रहने की बात. अकसर ऐसा होता है कि रेड लाइट पर अगर बगल की गाड़ी में ड्राइविंग सीट पर कोई महिला है, तो दूसरी कार में बैठा आदमी उसको तब तक घूरता रहेगा, जब तक कि बत्ती लाल से हरी न हो जाये, ये सब चीज़ें मैंने ख़ुद ड्राइव करते हुए महसूस की हैं, झेली हैं, बहुत बर्दाश्त की हैं और मुझे लगता है कि आप भी इस से ख़ुद को ज़रूर जोड़ पाएंगी!

कई बार तो आस-पास खड़ी गाड़ियों में से मुझे लोग ऐसे घूरते हैं कि दिल करता है काले शीशे लगवा लूं. क्यां करूं? ग़ैरक़ानूनी है. नहीं लगवा सकती. फिर उनके घूरने की वजह तलाशती हूं, और फिर कुछ ही पलों में बत्ती हरी हो जाती है.

Source: Ellearabia

तेरा पीछा छोड़ूं न...

ये तो हो गई घूरने की बात, एक बात और जो इस से भी ज़्यादा डराने वाली है, वो है कि कोई आपकी गाड़ी का पीछा करे. एक बार की बात है, जब मैं गाड़ी चला रही थी, तो एक महाशय लगातार मुझे फ़ॉलो कर रहे थे, जो कि मैं समझ चुकी थी क्योंकि वो लगातार मेरी गाड़ी के इर्द-गिर्द थे और स्पीड कम किए हुए थे. अगर मैं लेन बदलती, तो पीछे चले आते, एक लम्हे के लिए जब डर ने मेरा ज़हन जकड़ लिया तब लगा की अब बस! मैंने सोच लिया कि अब और नहीं डरुंगी और गाड़ी चलाती रहूंगी. और मैं लगातार गाड़ी चलाये जा रही थी, तभी अचानक मुझे एक PCR दिखी, और वहीं पहुंच गई. और अपनी गाड़ी वहीं के वहीं पार्क कर दी! फिर क्या था जो महाशय मेरा पिछा कर रहे थे, उन्होंने अपनी गाड़ी सरपट दौड़ाई और तुरंत गायब हो गए. उस दिन बड़ा अच्छा लगा, लेकिन हर बार, तो मुझे पुलिस की गाड़ी नहीं दिखेगी, बस उसकी घबराहट रहती है!

Source: Urban Asian

लेकिन अगर हम काफ़ी देर तक महसूस कर रहे हैं कि कोई पीछा कर रहा है, तो कोशिश करनी चाहिए कि तुरंत ही किसी अपने को आगाह कर दे, ताकि सुरक्षा बनी रहे! उम्मीद है कि ये सब जानने के बाद हमारे दोस्त या आप सभी लोग महसूस कर पाएंगे एक लेडी ड्राईवर के संघर्ष को और अगली बार उसे टोकने से पहले दो बार ज़रूर सोचेंगे! हमारे समाज कि ये सोच जल्दी जाने वाली नहीं है, उनके ताने कसना, घूरना कभी बंद हो या न हो, लेकिन हमें ज़रूरत है कि सबर रखें क्योंकि सबर से बड़ा कुछ नहीं, बहस करने में केवल आपका वक़्त बर्बाद होगा और शान्ति भंग होगी सो अलग.

लेकिन हां, अगर कभी भी कोई लगातार घूरे, आपका पीछा करे, तो उसे ज़रूर टोकें. और हमेशा फ़ोन के फ़ास्ट डायल में अपने घर के किसी व्यक्ति या किसी दोस्त का नंबर ज़रूर रखें.