एयर होस्टेस के चमकते चहरे के पीछे जो ज़िंदगी छुपी होती है. उसकी कहानी में उतनी रौशनी नहीं होती, जितनी हमें दूर से दिखाई पड़ती है. अक्सर, टीवी सीरियल और सिनेमा में एयर होस्टेस के काम को चमकदार और ऐश-ओ-आराम वाला दिखाया जाता है, जो कि सच्चाई से थोड़ा पास लेकिन कोसों दूर होता है. जैसे हर पेशे की अपनी कुछ परेशानियां होती हैं, इसकी भी है.

जानते हैं एक एयर होस्टेस को अपने काम की वजह से किन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है?

अकेलापन

एयर होस्टेस देश-दुनिया घुमती हैं. कंपनी के पैसों पर घूमना, नए-नए लोगों से मिलना. लेकिन कोई भी इंसान अपने मन की बात किसी अजनबी से नहीं करता. दुनिया घूमने के बाद उसकी कहानी अपने दोस्तों को ही सुनाई जाती है. अगर परिवार का साथ न हो, दोस्तों की मौजूदगी न हो, तो खाली समय खलता ही है.

स्वास्थय समस्या

एयर होस्टेस जिस अवस्था में काम करती हैं, वो मानव शरीर के अनुकूल नहीं होता. अत्यअधिक ऊंचाई पर काम करने से मस्तिष्क पर इसका असर पड़ता है. याददाश्त का कम होना उनमें से एक है. सामान्यत: काम के दौरान एयर होस्टेस पानी भी कम पीती हैं. इससे किडनी पर सीधा प्रभाव पड़ता है.

शोषण

विमान यात्रियों की बद्तमीज़ी तो जग ज़ाहिर है. एयर होस्टेस को उनकी छोटी-मोटी छिंटाकशी को इग्नोर करना पड़ता है. बड़े मामले में यात्री के ऊपर कार्यवाही की जाती है.

नौकरी की प्रकृति

एयर होस्टेस के बारे में कहा जाता है कि ऊच्च दर्जे की नौकर होती हैं. ज़रूरत पड़ने पर उन्हें उल्टियां भी साफ़ करनी पड़ती हैं. हमेशा मुस्कुरा के जवाब देना पड़ता है. चाहे सामने वाला आपसे Rude हो कर भी बात कर रहा हो.

कम छुट्टियां

पारिवारिक कार्यकर्मों के लिए छुट्टियां मिल ही जाती है. लेकिन एयर होस्टेस त्योहार के मौके पर छुट्टी की कम ही उम्मीद रखती हैं. सामान्य छुट्टियां भी बहुत कम होती हैं.ज़्यादातर एयर स्टाफ़ होम सिक होते हैं.

काम की अवधि

कोई फ़िक्स रुटीन नहीं होता. काम का समय फ़्लाइट की टाइमिंग की वजह से बदलता भी रहता है. दिन भर में 10 से 11 घंटा काम करना पड़ता है. घर पर वक़्त बिताने का मौका बहुत कम मिल पाता है.

हमेशा आकर्षक दिखना

चाहे अंदर से किसी पीड़ा से गुज़र रहे हों, लेकिन चेहरे का मेकअप कम नहीं हो सकता. दिन के 7-8 आठ घंटे हेवी मेकअप लगाए रखना बेहद मुश्किल काम है. इसका असर त्वचा पर भी पड़ता है.

बेशक एक एयर होस्टेस को अपने काम के एवज में अच्छा मेहनताना मिलता है. लेकिन उन्हें इसकी कीमत चुकाने के लिए कई खु़शियों का बलिदान भी करना पड़ता है.

Source: quora

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