आजकल डेटिंग Apps लोगों में ख़ासा प्रचलित हो रहे हैं, 'Tinder' और 'Happen' सरीखे कई डेटिंग Apps आज लोगों को साथ दिलाने में मदद कर रहे हैं, लेकिन दिव्यांगों के लिए ये डेटिंग Apps लगभग बेकार ही थे. उनके लिए इन डेटिंग Apps पर साथी ढूंढना बेहद मुश्किल था.

उनके दिमाग में कई सवाल रहते, जैसे क्या सामने वाला उनकी अवस्था को समझेगा, क्या व्हीलचेयर पर किसी से मिलने जाना आसान होगा?

दिव्यांग होने का ये मतलब तो नहीं होता कि प्यार पाने की इच्छा नहीं होगी. यही सोच कर Kalyani Khona और Shankar Srinivasan ने Inclov App बनाने का सोचा. ये App दिव्यंगो को ऑनलाइन डेटिंग की दुनिया से जोड़ने के लिए बनाया गया है.

कल्याणी ने बताया कि इस App के आईडिया को जानने के बाद 140 लोगों ने क्राउडफंडिंग की और Inclov को बनाने में मदद की.

इसे 2016 में बनाया गया था. तब से अब तक इसके ज़रिये 7,000 लोगों को साथी मिल चुके हैं.

Khona ने बताया कि इसके अलावा वो ऑफ़लाइन मीटिंग्स भी आयोजित कराते हैं, जहां लोग आकर नाईट आउट कर सकते हैं. अब तक दिल्ली, जयपुर, चंडीगढ़, कोलकाता और बेंगलुरु में वो ये मीटिंग्स करा चुके हैं.

इस रविवार, होटल ललित अशोक में बेंगलुरु का पहला Meet-up कराया गया. 'Social Spaces' नाम का ये Meet-up, Inclov का 29वां ऑफ़लाइन Meet-up था.

28 वर्षीय श्रीनिवास को पांच साल की उम्र में पोलियो हो गया था, तब से वो बैसाखियों के सहारे चलते हैं. वो इस Meet-up में आये और एक दृष्टिहीन व्यक्ति से मिले, जो किताबें लिखता है. उन्होंने बताया कि उससे मिल कर उन्हें बहुत प्रेरणा मिली.

कोई अकेला महसूस न करे, इसके लिए इस Meet-up में एक साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर भी बुलवाया गया था. हर इंतज़ाम इस तरह से किया गया था कि किसी भी पार्टिसिपेंट को कोई परेशानी न हो.

35 वर्षीय अनुशा का दस साल पहले एक एक्सीडेंट हुआ था, उसके बाद से वो व्हीलचेयर के सहारे चलती हैं. वो बताती हैं कि जब भी वो कहीं बाहर जाती हैं, उन्हें लगता है कि वो अपने परिवार के लिए असुविधा पैदा कर रही हैं. बहुत कम ही ऐसा होता है कि वो जिससे मिल रही हैं, वो उनकी स्थिति को समझ पाए. इसलिए जब उन्हें इस इवेंट के बारे में पता चला, उन्होंने यहां आने का फैसला कर लिया.

भारत में लगभग 26 मिलियन दिव्यांग हैं. 2011 की सेन्सस रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 40% की शादी ही नहीं हो पाती. ऐसे में इस तरह के App की बेहद ज़रूरत थी.

इस App में इसके यूज़र की विषमता के बारे में डिटेल में बताया जाता है. उसकी मेडिकल कंडीशन, वो कितना चल-फिर सकता है, उम्र, लोकेशन समेत सभी जानकारियां देने का ऑप्शन होता है.

केवल अपंगों को ही नहीं, दिमागी परेशानियों से पीड़ित लोगों को भी ये App साथी दिलाने में मदद करता है. Autism और अवसाद से पीड़ित लोगों को भी इस App के ज़रिये मैच मिले हैं.

Inclov हर महीने दिल्ली में कम से कम एक Meet-up आयोजित कराने का प्लान कर रहा है. इसके अलावा दूसरे शहरों में भी ये Meet-up आयोजित कराने की योजना है.

Source: Thenewsminute