ये एक ऐसी निर्मम घटना है, जिसे पढ़ते हुए शायद आप अन्दर तक हिल जाएंगे. तीन साल की एक मासूम बच्ची के साथ उसके पिता ने ऐसी हैवानियत की, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता.

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रस्सी से बांध कर छोड़ दिया बच्ची को मरने के लिए

Brisbane, Queensland में बच्ची अपने पिता और उसके रूममेट के साथ एक फ्लैट में रहती थी. 2013 में बच्ची उसी फ्लैट में मृत पायी गयी. जांच में पता चला कि उसके साथ कई दिनों तक यौन हिंसा की गयी और जब उसकी हालत बिगड़ी, तो उसके पिता ने उसे पलंग से बांध कर मरने को छोड़ दिया.

इस बच्ची की तस्वीर देख कर बस मन में एक ही बात आती है कि इतनी मासूम बच्ची के साथ कोई ऐसी दरिंदगी कैसे कर सकता है. हैरान करने वाली बात तो यही है कि ऐसा करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका अपना बाप और उसका साथी था.

इस उम्र के बच्चे को जब कोई भी परेशानी होती है, तो वो अपने मां-बाप से ही कहता है. वो बच्ची भी अपने बाप को ही अपना रक्षक समझती होगी, पर उस वक़्त वो कितना बेबस महसूस कर रही होगी, जब वो ही रक्षक एक भक्षक में बदल गया. कितना रोई होगी वो तड़प-तड़प कर मरने से पहल, पर कहती भी तो किस से?

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बच्ची की नैपी में आता था खून

Kyhesha-Lee के साथ इस तरह की यौन हिंसा की गयी कि उसके नैपी में खून आया करता था. वो फिर भी उसी बाप से शिकायत करती, जो इंसानियत भूल कर एक राक्षस बन चुका था. उसने अपने पिता Matthew Lee Williamson को बताया कि उसे बहुत दर्द होता है, पर पिता का दिल नहीं पसीजा.

अब वो Brisbane Supreme Court में उसकी हत्या करना कबूल कर चुका है, पर कहता है कि उसने उसे कभी नुकसान नहीं पहुंचाया. उसने ये बात भी कबूली कि उस नन्हीं बच्ची को वो रस्सी से पलंग से बांध कर रखता था. उस पर आरोप है बच्ची के शरीर में बड़ा सेक्स टॉय डालने का, उसके पेट में घूंसे मारने का, उसे नंगा कर उसके साथ तस्वीरें लेने का और तब तक उसके कान खींचने का, जब खून न निकल आये.

सड़ने लगे थे बच्ची के अंदरूनी घाव, पर नहीं ले जाया गया अस्पताल

अपने आखरी दिनों में बच्ची की हालत इतनी ख़राब हो चुकी थी कि वो हरी उलटी कर रही थी, उसकी नैपी में खून आ रहा था और चेहरे पर चोटों के निशान थे. इसके बावजूद उसके पिता ने उसे अस्पताल ले जाने की ज़हमत नहीं उठाई. उसके अंदरूनी घाव सड़ने लगे थे और संक्रमण के कारण वो इतने दर्द में थी कि मरने से 12 घंटे पहले से ही न तो कुछ खा पाई थी और न ही पी पाई थी.

'पापा ऐसा मत करो, मुझे बहुत दर्द होता है'

उसने अपने पिता को बताया कि उसके गुप्तांगों से खून आ रहा है और वो नहीं चाहती है कि अब उसके गुप्तांगों में वो कभी कुछ डालें. तब भी उसके पिता ने उसे अस्पताल ले जाना ज़रूरी नहीं समझा.

Williamson का कहना है कि उसे डर था कि डॉक्टर पुलिस को आगाह कर देंगे. इसलिए उसने अपनी बेटी को तड़प-तड़प कर मरने देना सही समझा.

दोनों मिलकर करते थे बच्ची के साथ अप्राकृतिक यौन शोषण

Williamson के वकील का कहना है कि उसने ऐसा अपनी मनोवैज्ञानिक विषमता के चलते किया है. जबकि जांच में पता चला है कि बच्ची का पिता और उसका साथी, दोनों बच्ची के साथ अप्राकृतिक यौन शोषण करते थे.

पिता का कहना है कि उसका रूममेट उसके सामने बच्ची का यौन शोषण किया करता था और रूममेट Kent का कहना है कि उसने पिता को बच्ची का शोषण करते देखा है. दोनों एक दूसरे पर इलज़ाम लगा कर बचना चाहते हैं.

बच्ची के पिता के साथी Christopher Kent ने बताया कि जब उसने देखा कि बच्ची के होंठ नीले पड़ गए हैं, तब भी उसके पिता पर कोई असर नहीं हुआ. उसने उसे जगाया, तो उसे बस अपनी कॉफ़ी और सिगरेट चाहिए थी.

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बंधे हुए ही नित्याक्रियाएं करने को थी मजबूर

जब वो बच्ची को रस्सी से से बांध कर सो जाता था, तो वो बाथरूम नहीं जा पाती थी. जब वो कमरे में मल और मूत्र देखता, तो भी बच्ची को बेरहमी से पीटता था. वो बस बेबसी से बिलखती रहती थी.

अपने आखरी दिनों में बच्ची को दिन भर रस्सी से बांध कर रखा जाता था और उसे कमरे में ही नित्यक्रियाएं करनी पड़ती थीं. मौत के पांच दिन पहले से ही किसी ने बच्ची को नहीं देखा था और न ही उसकी आवाज़ सुनी थी. 30 मार्च, 2013 को, कई दिनों बाद बहुत बुरे हालातों में उसकी लाश फ्लैट में मिली.