माता-पिता दोनों ही एक बच्चे लिए अपनी-अपनी अलग इम्पोर्टेंस रखते हैं. अगर मां अपने बच्चे को प्यार, दुलार देती है, तो पिता बच्चे को जिंदगी में आगे कैसे बढ़ना है वो बताता है. माता-पिता दोनों का साथ और प्यार एक बच्चे की अच्छी परवरिश के लिए बेहद ज़रूरी है. लेकिन कई बार किन्हीं विषम परिस्थितियों के कारण एक बच्चा या तो मां के प्यार से वंचित रह जाता है या फिर उसको पिता का मार्गदर्शन नहीं मिल पाता. आज हम एक ऐसी ही लड़की के मन की बात आपको बताने जा रहे हैं, जो उसने सवाल-जबाब की वेबसाइट quora पर शेयर की है. Sanhita Agarwal एक SEO Specialist हैं और एक quora यूज़र भी. उन्होंने इस वेबसाइट पर वो बातें शेयर की हैं, जो वो अपनी मां को कभी सामने से नहीं बता पायीं या जो उन्होंने अपनी मां से छुपायीं थीं.

Source: leggidamoretti

Sanhita अपनी पोस्ट शुरू करने से पहले लिखती हैं कि मैंने कई बार इन सीक्रेट्स के बारे में मां को बताना चाहा, पर मैं बता नहीं पायी. लेकिन अब मैं अपनी मां के प्रति अपनी फ़ीलिंग्स और इमोशंस के बारे में बताना चाहती हूं. Sanhita ने अपने कई सीक्रेट्स यहां पर शेयर किये हैं.

Sanhita लिखती हैं,

मां...आप जानती हैं, ना कि आप ही मेरी मां हैं और आप ही मेरे पिता. मैं शायद ही कभी पापा को याद करती हूं, क्योंकि जब भी भी मुझे मेरे कठिन समय में उनके साथ की ज़रूरत पड़ी, वो मौजूद नहीं थे, मेरे साथ कोई था तो वो आप थीं मां. तो मेरा पहला सीक्रेट यही है, 'आप केवल मेरी मां ही नहीं हैं, बल्कि मेरे पापा भी आप ही हैं.' मां, मुझे पता है कि आप चाहती हैं कि मैं अपनी बहन से सम्बन्ध बनाकर रखूं क्योंकि आपको डर है कि आपके बाद मेरे पास केवल वही मेरी फ़ैमिली होगी, पर मां आप मेरा विश्वास करो वो मुझे बिलकुल नहीं करती है, न ही वो मुझे प्यार करती है. पिछले 8 सालों में उसने एक बार भी ये जानने की कोशिश नहीं की कि मैं ठीक हूं या नहीं, मुझे कोई प्रॉब्लम तो नहीं है. मैंने कई बार उससे बात करने की कोशिश की और साथ चाहा लेकिन वो मुझसे नफ़रत करती है क्योंकि उसको विश्वास नहीं है कि आप हम दोंनो से एक समान प्यार करती हो, उसको लगता है कि आप उसको कम और मुझे ज़्यादा प्यार करती हो. मुझे लगता था कि जब वो मां बने जायेगी, तब उसको इस बात का एहसास हो जाएगा कि अपने सभी बच्चों के लिए एक मां का प्यार कभी कम या ज़्यादा नहीं होता, लेकिन अफ़सोस मां बनने के बाद तो वो मुझसे और ज़्यादा नफ़रत करने लगी है.

मां... मुझे पता है कि आपने हमको ऐसी परवरिश दी है कि हम जीवन की हर मुश्किल का सामना बिना डरे मजबूती से कर सकें और ज़िन्दगी में आने वाले उतार-चढ़ाव को आसानी से पार कर सकें. लेकिन मां कभी-कभी मुझे एक भाई की कमी बहुत महसूस होती है. कभी-कभी ऐसा टाइम आता है, जब मैं किसी आदमी के सामने खुद को बहुत कमज़ोर और मजबूर महसूस करती हूं. तब मेरे दिमाग़ में केवल यही आता है कि काश मेरा भी एक भाई होता जो विषम परिस्थिति में मेरे साथ खड़ा होता और मुझसे कहता कि मेरे होते हुए कोई भी व्यक्ति तुमको नुक्सान नहीं पहुंचा सकता और न ही तुम्हारे साथ किसी तरह की बदसुलूकी ही कर सकता है. अगर कोई ऐसा करता है तो मैं उसको अच्छा सबक सिखाउंगा... लेकिन मां मेरा तो कोई भाई नहीं है.

मां... इस नए शहर में मुझको 3 महीने हो चुके हैं, मैं यहां एडजस्ट करने की पूरी कोशिश कर रही हूं. आपको याद है न कि मैं कितना उत्साहित थी अपनी नई जॉब को लेकर, और ये सोच कर कि अब मैं अपनी लाइफ़ अपनी शर्तों पर जियूंगी और एक सफ़ल और अच्छी इंसान बनूंगी. मां मैं अपना काम उतने अच्छे से नहीं कर पा रही हूं, जितना मैंने सोचा था, इसी कारण मेरा स्वास्थ्य भी खराब होता जा रहा है. हाल ही में मैं एक डॉक्टर से मिली और उनको निरंतर हो रही कमज़ोरी और सिरदर्द के बारे में बताया. उन्होंने मुझे बताया कि मैं अपने काम को लेकर बहुत ज़्यादा टेंशन ले रही हूं, जिस वजह से मेरी तबियत बिगड़ रही है.

मां ये सारी बातें तो मैं आपको बताना ही चाहती थी, लेकिन जो सबसे बड़ा सीक्रेट है, वो ये कि हर बार जब भी मैंने आपको ये बताया कि मैं अच्छा कर रही हूं काम में, लेकिन असल में मैं उस वक़्त बहुत सी परेशानियों से घिरी हुई होती हूं, मगर मैं आपको परेशान नहीं चाहती थी. Sorry Mom...