दिल्ली के शाहदरा से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. अमित बहादुर नाम के शख़्स ने अंधविश्वास की वजह से अपनी ही बेटी के दोनों कान काट लिए. इतना ही नहीं, 3 साल की मासूम बेटी को लहुलूहान करने के बाद, वो मासूम का घला रेतने की तैयारी में भी था, लेकिन इसे ख़ुदा का रहम कहें, या मासूम की किस्मत वो बच गई. वारदात के बाद, बच्ची को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया, मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ़्तार कर लिया.

46 साल का अमित Urban Kebab में काम करता है. आरोपी बहादुर ने बताया, 'उसके ऊपर काफ़ी समय से भूत-प्रेत आ रहे थे. आत्माएं जैसे करने के लिए कहती, मैं बिल्कुल वैसा ही करता था. वारदात वाली रात भूत मेरे सपने में आया था. भूत ने कहा अगर घर में धन-दौलत और सुख़-शांति चाहिए, तो अपनी बेटी के दोनों कान काट, उसका गला काट दो.'

ज़ख़्मी बच्ची को गंभीर हालत में एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बच्ची की हालत देखकर डॉक्टर्स भी दंग रह गए. फ़िलहाल बच्ची की हालत में सुधार है.

क्या है मामला

बीते गुरुवार को अमित शराब पीकर घर पहुंचा था. आधी रात को वो अपनी बेटी को छत को पर ले गया और उसके दोनों कान काट दिए. दर्द के कारण मासूम बिलखने लगी, बच्ची की रोने की आवाज़ सुनकर उसकी मां मीना भी मौके पर पहुंच गई, उसने अपनी बच्ची को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया. इधर, एक पड़ोसी ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ लिया.

अपनी ही बेटी के कान काट उसकी हत्या की कोशिश करने वाला अमित साइकोसिस नामक बीमारी से पीड़ित था. इस बीमारी के चलते लोग अपने साथ-साथ समाज के लिए भी एक ख़तरा साबित होते हैं. मनोचिकित्सकों की मानें, तो इस बीमारी से गुज़र रहे लोगों का हकीकत से कोई लेना-देना नहीं होता. बीमरी से ग्रसित लोगों को अपने आस-पास भूत-प्रेतों के होने का आभास होता है और वो भूतों द्वारा कहे जाने वाली हर बात को मानते हैं.

Source : hindustantimes