सोशल मीडिया ने हमें अपने विचारों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की आज़ादी और सुविधा प्रदान की है. धीरे-धीरे सोशल मीडिया सामाजिक से व्यक्तिगत जीवन का हिस्सा भी बनता जा रहा है. अधिकांश लोग अपने जीवन से जुड़े पर्सनल मूवमेंट भी इस पर शेयर करने लगे हैं. लेकिन इन सब की भी कुछ सीमाएं हैं. एक व्यक्ति अगर अपने पर्सनल जीवन से जुड़े किसी भी पल को पब्लिकली शेयर करना चाहता है, तो यह उसकी व्यक्तिगत आज़ादी है. ऐसे में कोई और अगर किसी दूसरे इंसान की ज़िन्दगी से जुड़े पलों को सार्वजनिक करता है, तो यह आज़ादी ना ही उसे संविधान देता है और ना ही कोई नैतिक शास्त्र.

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16 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो में एक कपल का एक व्यक्ति ने अपने मोबाइल से वीडियो बना कर उनसे पूछे बिना ही सोशल मीडिया पर डाल दिया था. इस वीडियो में लड़का और लड़की काफ़ी करीब खड़े होकर थोड़े रोमांटिक मूड में नज़र आ रहे हैं.

Satiant P Singh Thakur नामक फेसबुक यूज़र ने अपने अकाउंट से वीडियो शेयर करने के साथ-साथ अपने क्रांतिकारी और समाजोपयोगी विचार भी लिख डाले.

'ये हैं दिल्ली मेट्रो. शर्म आती है, ऐसे लोगों पर जो अपनी बेटी को थोड़ी-सी शर्म नहीं सिखाते और कहते हैं लडकियां सुरक्षित नहीं हैं. ऐसे ही होता रहा, तो वाकई दिल्ली में लड़कियां सुरक्षित नहीं रहेंगी. ये प्रीतमपुरा मेट्रो का वीडियो है.'

वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया. वैसे भी जिस देश में गूगल पर देश के प्रधानमन्त्री से ज़्यादा पॉर्न को सर्च किया जाता है, वहां ऐसी चीज़ों को वायरल होने में कैसे टाइम लग सकता है. रही सही कसर हमारे देश के संस्कृति बचाने वाले क्रांतिकारियों की भीड़ ने पूरी कर दी. उन्होंने लड़की को लेकर अपने नैतिक विचारों को लिख-लिख कर कमेन्ट बॉक्स भर डाले. उन्हें लगा कि अगर इस वीडियो को अगर बिना कमेन्ट लिखे शेयर नहीं किया तो हमारी 5 हज़ार सालों से चली आ रही संस्कृति नष्ट हो जाएगी.

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जहां अधिकतर लोग इस पोस्ट और वीडियो को शेयर करके देश की संस्कृति को बचाने में लगे थे, ऐसे में एक ऐसा इंसान भी भीड़ से निकल कर आगे आया, जिसने इस कपल की पर्सनल लाइफ और लड़की की इज्ज़त की गरिमा का ख्याल किया. Tarun नामक एक फेसबुक यूज़र ने इस वीडियो को लेकर फेसबुक को रिपोर्ट किया. इसके बाद फेसबुक ने यह वीडियो हटा दिया.

एक और फेसबुक यूजर Baba Marx ने भी इस मामले को लेकर अपने विचार फेसबुक पर लिख कर शेयर किये, जिसे भी काफ़ी लोगों ने पढ़ा और पसंद भी किया.

'इस वीडियों में ये दोनों किसी तरह का कोई Kiss नहीं कर रहे हैं. कुछ लोग कह रहे हैं कि इस तरह का व्यवहार हमारी संस्कृति के खिलाफ़ है. उनसे कोई ये जाकर पूछे कि क्या किसी से बिना पूछे उसकी लाइफ़ से जुड़े वीडियो बनाना और उसे शेयर करना हमारी संस्कृति में कहीं लिखा है? इस तरह के लोग समाज के आने वाले भविष्य के लिए किसी कैंसर से कम नहीं हैं. वैसे भी इस तरह के लोगों की मानसिकता को इसी बात से समझा जा सकता है कि इस बंदे ने लड़की को लेकर इतना ज्ञान दे दिया लेकिन लड़के के बारे में कुछ भी नहीं लिखा.

कुछ महीने पहले दिल्ली में एक 5 साल की बच्ची से साथ रेप हुआ था. क्या वह छोटी बच्ची किसी के साथ फ़्लर्ट कर रही थी. ऐसे लोग मानसिक रूप से बीमार होते हैं, जो लड़कियों को लेकर इस तरह के विचार फैलाते हैं'.

इस तरह के मामलों में अकसर देखा जाता है कि संस्कृति को बचाने के महान काम की ज़िम्मेदारी केवल लड़की के ऊपर ही डाल दी जाती है. लड़कों को केवल वीडियो बना कर शेयर करने के लिए खुल्ला छोड़ दिया जाता है.