पत्नी की हत्या और शव के 72 टुकड़े करके उन्हें 56 दिनों तक घर के डीप फ़्रीज़र में रखने के दोषी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी को अदालत ने उम्रकैद की सज़ा सुनाई है.

देहरादून की ज़िला अदालत ने आरोपी राजेश को पत्नी की हत्या के अलावा हत्या के सबूत मिटाने का भी दोषी ठहराया है. दिल दहला देने वाली इस वारदात को देहरादून के लोग डीप फ़्रीज़र कांड के नाम से जानते हैं.

बता दें कि आज से 7 साल पहले यानि, 17 अक्टूबर 2010 को आरोपी राजेश ने बेहद बेहरमी से अपनी 33 वर्षीय पत्नी अनुपमा की गला दबाकर हत्या कर दी थी, फिर शव को डीप फ़्रीज़र में रखकर उसे टुकड़ों में ठिकाने लगाने की साज़िश रची. धीरे-धीरे कर वो लाश के टुकड़ों में मसूरी के जंगल में फेंकता रहा. वहीं काफ़ी दिनों तक बहन से बात नहीं होने पर 12 दिसंबर को अनुपमा का भाई देहरादून आया. उसे राजेश और दोनों बच्चे मिले, लेकिन बहन कहीं नज़र नहीं आई. इसके बाद भाई ने पुलिस की मदद ली और करीब दो महीने बाद इस सनसनीखेज़ हत्याकांड से पर्दा उठा. अदालत ने राजेश को धारा 302 और 201 के तहत उम्रकैद की सज़ा सुनाई.

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पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश ने अनुपमा से 10 फरवरी 1999 को लव मैरिज की थी. शादी के बाद दोनों साल 2000 में अमेरिका चले गए. वहीं 2008 में अमेरिका से लौटकर दोनों दिल्ली आ गए, इसके बाद राजेश परिवार के साथ दून में रह रहा था. राजेश और अनुपमा के दो भी बच्चे भी हैं.

Source : Hindustantimes