एक महिला कठिन से कठिन हालातों को भी आसानी से पार कर जाती है. अगर वो दुर्गा बनकर लोगों पर प्यार लुटाना जानती है, तो काली बनकर दुष्टों का विनाश करना भी जानती है. मुसीबत की घड़ी में अपने रिश्तेदार की जान बचाने के लिए, दिल्ली की इस महिला ने जो कर दिखाया, वो करना अच्छे-अच्छों के बस की बात नहीं थी.

घटना बीते गुरुवार की है. दिल्ली यूनीवर्सिटी में पढ़ रहे 21 साल के छात्र का अपहरण करके, किडनैपर्स ने फ़िरौती की मांग की. किडनैपर्स ने फ़िरौती की रकम एक तय जगह पर पहुंचाने की बात कही. अपहरण छात्र के रिश्तेदार फ़िरौती की रकम लेकर, किडनपैर्स द्वारा बताई हुई जगह पर पहुंच गए, जब सफेद रंग की इंडिका, स्विफ्ट डिज़ायर के पास पहुंची, तो अंदर बैठे दोनों आरोपियों ने फ़िरौती की रकम लेने के लिए हाथ आगे बढ़ाए और रकम ले ली.

फ़िरौती की रकम लेने के बाद आरोपी मोहम्मद रफ़ी और आकाश शास्त्री पार्क से भजनपुरा पहुंचने के बाद युवक को गाड़ी से बाहर निकाल दिया. दोनों पक्षों के बीच ये सब चल ही रहा था कि अचानक गोली चलने की आवाज़ आती है.

ये गोली किसी और ने नहीं, बल्कि 33 साल की आयशा फलक ने चलाई थी, जो एक नेशनल लेवल की शूटर और कोच हैं, आयशा ने अपने देवर आसिफ़ को बचाने के लिए, एक किडनैपर की कमर और दूसरे के पैर पर गोली चलाकर उन्हें घायल कर दिया. आयशा के पास लाइसेंसी बंदूक थी, जिसे वह हमेशा पर्स में रखती थीं.

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आयशा के पति फलक शेर आलम ने बताया, 'फिरौती का कॉल आने के बाद आयशा डरी हुई थीं, लेकिन उन्होंने कहा कि वही आसिफ़ के किडनैपर्स को पैसे देने जाएंगी.'

कठिन परिस्थिति के बारे बताते हुए आयशा ने कहा, 'मुझे किडनैपर्स पर फ़ायरिंग करते देख आसिफ़ हैरान था, वो तुरंत मेरे पास भागता हुआ आया. वो डर के मारे कांप रहा था और मैं भी.' मौके पर पहुंची पुलिस ने गोली से घायल हुए आरोपियों को तुरंत अपनी गिरफ़्त में ले लिया.

वहीं आयशा की पिस्तौल पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है. जॉइंट कमिश्नर रवींद्र यादव ने कहा, मामले की जांच की जा रही है कि आयशा ने आत्मरक्षा या आसिफ़ को बचाने के लिए गोली चलाई. अगर ऐसा साबित हो जाता है, तो उन्हें पूर्ण रूप से क़ानूनी सुरक्षा प्रदान की जाएगी.'

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दरअसल, आसिफ़ दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करता है. अपने पर्सनल खर्चों के लिए, वो क्लास के बाद ड्राइविंग करता है. हादसे की रात उसे दरियादंग से बुकिंग मिली थी. आसिफ़ ने बताया 'रफ़ी और आकाश ने कार में बैठने के बाद, आधे रास्ते पर रूट बदलने के लिए कहा. मैनें कार रोक आगे जाने से मना कर दिया. इसके बाद किडनैपर ने मुझे पैसेंज़र सीट पर धकेल कर जान से मारने की धमकी दे और मेरा वॉलेट भी छीन लिया. मेरे पर्स में मात्र 150 रुपये देखकर, रफ़ी और आकाश गुस्से से आगबबूला होकर मुझे पीटने लगे.

परिजनों के मुताबिक, 'रात को 1 बजे आसिफ़ ने हमें 25000 रुपये लेकर शास्त्री पार्क पहुंचने के लिए कहा, तो हमें लगा वो कोई मज़ाक कर रहा है. लेनिक बाद में पीसीआर कॉल की गई. पुलिस ने पैसे लेकर वहां पहुंचने के लिए कहा.

सच में एक महिला ने जिस तरह का ज़ज़्बा दिखा कर अपने रिश्तेदार की जान तो बचाई, साथ ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भिजवा दिया, ऐसा करने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए.

Source : timesofindia