अकसर सुनने को मिलता है कि इंसान ग़लतियों का पुतला होता है. उससे कहीं भी, कोई ग़लती हो सकती है. मगर कई बार यही ग़लतियां दूसरों की हंसी का कारण बन जाती है. जैसे इन्हीं तस्वीरों को देखिये, जो पहली नज़र में बिलकुल ठीक दिखाई देती हैं, पर इन पर ज़रा-सा ध्यान देंगे, तो डिज़ाइनर की कारगुज़ारी आपकी आंखों के सामने आ जाएगी. 

आज हम आपके लिए डिज़ाइनर्स द्वारा की कई ग़लतियों का ऐसा ही ज़खीरा लेकर आये हैं, जिन्हें देख कर आप भी कहेंगे 'भाई तुम बिलकुल लम्पट आदमी निकले.'

रेलिंग पर फ़िसलने वालों, कोई यहां वही खेल कर के दिखाओ. 

आंख दिखाता है...

छी सुपरमैन भी!

ये बच्चों के खेलने की चीज़ नहीं है. 

तरक्की इसे कहते हैं.

चैनल वाले यहां से न्यूज़ खरीदते हैं.

उन लोगों के लिए जो हर काम खुल कर नहीं कर सकते.

पिछवाड़े में घुस कर आगे से निकलने का मतलब आज समझ आया. 

छोड़ो, ग़लत बात नहीं करते.

लड़की का हाथ ग़लत दिशा में जा रहा है.

समझने वाले समझ गये हैं, जो न समझे वो अनाड़ी हैं.

हर मोड़ पर इस गाड़ी के चाहने वाले मिल जाते होंगे. 

इसे कोई कैसे पकड़ सकता है!

अच्छा! जे बात. 

चाइल्ड हेल्पलाइन वालों को फ़ोन करो जल्दी. 

Candied Nuts क्या होता है भाई!

पति पत्नी और वो!  

सब साफ़ कर दे. 

ऐसे कैसे गुरु जी?

इसे बनाते वक्त डिज़ाइनर का ध्यान कहीं और था. 

चल झूठी... 

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ये कैसा कॉन्फ्रेंस रूम है भाई!

ऐसी सीढियां आपको सीधा हॉस्पिटल पहुंचाती हैं.

ऐसे किताबें चोरी नहीं होती.

ये पेन पप्पू के काफ़ी करीब लग रहा है.

ये सब यहां नहीं चलेगा.

पिछवाड़ा कटने के बावजूद मुस्कारा रहा है. 

ऐसे कौन करता है भाई!

कुछ लोग अपना जुगाड़ ढूंढ ही लेते हैं. 

न रहेगी आंख और न लगेगा काजल.

कैसी-कैसी चीज़ों को अलग करने की मशीने आ गई हैं!

नीचे वाले का ऊपर वाले से बदला.

अखंड बकलोल 

ये Click है, Dick नहीं! 

प्रेशर में ऐसा ही काम निकल कर सामने आता है. 

पक्का किसी डिज़ाइनर ने खुन्नस निकाली है.

बच्चों को इस मोमबत्ती से दूर रखें.

इसे ही कहते हैं करे कोई, भरे कोई.