धर्म एक दर्शन है. एक तरह से जीने का तरीका है, जिसे लोग अपनी पसंद से चुनते हैं. इनके अर्थों और विचारों को समझाने के लिए धर्मगुरु मौजूद रहते हैं. लोग धर्मगुरु के पास आते हैं, और जीवन का मर्म समझते हैं. वहीं कुछ घटनाओं से प्रतीत होता है कि धर्म की आड़ में लोग महिलाओं के शरीर के साथ खेलते हैं. उन्हें अपनी हवस का शिकार बनाते हैं. आए दिन हमें कई ऐसी ख़बरें पढ़ने और सुनने को मिलती रहती हैं. हम आपको ऐसी ही कुछ ख़बरों से रू-ब-रू करवाना चाहते हैं.

स्टोरी-1

अफगानिस्तान में 10 साल की मासूम लड़की पहले एक मौलवी की हैवानियत का शिकार बनी और अब उसके परिजन ही उसकी जान लेना चाहते हैं. पहले उसके साथ मस्जिद जैसी पाक़ जगह में रेप हुआ. फ़िर उसे धमका कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश हुई. मगर बच्ची ने पूरी आप बीती घरवालों को बताई, जिसे सुनने के बाद वे सन्न रह गए. दुष्कर्म करने वाला एक मौलवी था, जो उसे कुरान पढ़ाता था.

स्टोरी-2

केरल में धर्म की आड़ में नाबालिग युवती के साथ दुराचार करने वाले एक पादरी को 40 साल के सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई गई है. कोर्ट ने इसे घिनौना कृत्य करार देते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत सज़ा सुनाई.

स्टोरी-3

धर्म को शर्मसार करने वाली एक और ख़बर सामने आई है. हरिद्वार में आश्रम चलाने वाले संत रघुनंदन दास महाराज ने एक साध्वी से रेप कर डाला. आरोपी संत फ़रार है और पुलिस उसको पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है.

इन उदाहरणों के द्वारा मैं आपको समझाने की कोशिश कर रहा हूं कि ऐसे धर्म गुरु सभी धर्मों में मौजूद हैं, जो धर्म की आड़ में महिलाओं का शोषण कर रहे हैं. ये तो ऐसे मामले हैं, जो सबके सामने आए हैं. ना जाने कितनी और ऐसी ख़बरे होंगी, जिनसे हम अवगत नहीं हो पाए हैं.

आज धर्म के नाम पर कई ऐसे धार्मिक गुरु हो चुके हैं, जिन्हें मज़हब का 'म' तक नहीं पता है, फ़िर भी लोगों को ज़िंदगी का मर्म समझाने में लगे हुए हैं. सबसे हैरानी वाली बात ये है कि वे मासूमों को अपना निशाना बनाते हैं. आंकड़े की बात करें तो देश-भर में करीब 5000 से ज़्यादा ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां 14 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों को निशाना बनाया गया है. ये आंकड़ा महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है.

सोचने वाली बात ये है कि हमारा समाज किस ओर जा रहा है? क्या हमारे समाज की मानसिकता इतनी विकलांग हो गई हैं? अगर हम अभी नहीं जगेंगे तो फ़िर कभी नहीं जगेंगे.