कहते हैं इतिहास खुद को दोहराता ज़रूर है. 25 जून 1932 को टीम इंडिया ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान से अपना सफ़र शुरू किया था और फिर ठीक 51 साल बाद 25 जून 1983 को भारत ने इसी मैदान पर पहला विश्व कप जीता. अब 23 जुलाई यानि आज टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ़ महिला विश्व कप 2017 का फाइनल मैच खेलने जा रही है.

भारतीय महिला टीम अगर ये मुकाबला जीतती है, तो महिला वर्ल्ड कप के 44 साल के इतिहास में वो पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनेगी. भारतीय टीम का ये नौवां विश्व कप है. भारतीय टीम ने 1973 और 1988 वर्ल्ड कप में भाग नहीं लिया था. 2005 में भारतीय टीम ने फाइनल तक का सफ़र जरूर तय किया, लेकिन जीत हासिल करने में नाकामयाब रही.

अब बात करते हैं, महिला टीम की सबसे आक्रामक बल्लेबाज़ हरमनप्रीत कौर की. हरमनप्रीत को शुरू से ही लंबे-लंबे छक्के लगाने का शौक रहा है. कौर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ सेमीफाइनल मैच में 171 रन बना कर, भारत की ओर से दूसरा सबसे बड़ा निजी स्कोर बनाने का कमाल दिखा चुकी हैं. साल 2009 में ऑस्ट्रेलिया में अपना पहला वर्ल्डकप खेल रहीं हरमनप्रीत ने जब 110 मीटर लंबा छक्का लगाया, तो बाद में उनके बल्ले की जांच भी की गई थी.

इस महिला खिलाड़ी की एक और ख़ास बात है. अगर आपने गौर किया हो, तो हरमनप्रीत कौर हमेशा 84 नबंर वाली टीम इंडिया की जर्सी पहनती हैं. हरमनप्रीत कौर की इस टी-शर्ट से कई किस्से जुड़े हैं. लंबे-लंबे शॉट खेल देश के लाखो-करोड़ों युवाओं का दिल जीत चुकी हरमनप्रीत कौर, 84 नबंर से जुड़ी टी-शर्ट 1984 के दंगा पीड़ितों को श्रृद्धाजंलि देने के लिए पहनती हैं. 84 नंबर की ये टी-शर्टी 1984 दंगा पीड़ितों का शिकार हुए लोगों के साथ एकता का प्रतीक है.

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ग़ौरतलब है, 31 अक्टूबर 1984 को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके बॉडीगार्ड, द्वारा हत्या किए जाने के बाद देशभर में सिख विरोधी दंगे भड़क गए थे, जिसमें आधिकारिक रूप से 2733 सिखों को निशाना बनाया गया था. आंकड़ों के मुताबिक, इस दंगे में 3870 मासूमों की जान चली गई थी.

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