चंडीगढ़ से एक बेहद शर्मनाक वाक्या सामने आया है. दरअसल, दिव्यांग बच्चों को व्हीलचेयर देने के लिए पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल एजूकेशन एंड रिसर्च सेंटर (PGIMER) पर बुलाया गया था, जहां तीन सौ बेड के वार्ड का उद्घाटन होना था. ख़बरों के मुताबिक, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह थे.

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बताया जा रहा है कि राजनाथ सिंह कार्यक्रम में तय समय से आधा घंटा लेट पहुंचे. इसके साथ ही सुबह से उनका इंतजार कर रहे दिवयांग बच्चों को तीन घंटे तक भूखा रहना पड़ा. इतना ही नहीं, जब तक गृहमंत्री आकर चले नहीं गए, तब तक बच्चों को खाना हाथ तक नहीं लगाने दिया गया. व्हीलचेयर पाने की उम्मीद में आये बच्चों के माता-पिता को भी काफ़ी परेशानियां झेलनी पड़ीं. खाली पेट बच्चे रोते-बिलखते रहे, लेकिन हर किसी को मंत्री जी फ़िक्र थी.

ये कार्यक्रम इंडियन रेस क्रास सोसाइटी, चंडीगढ़ की ओर से आयोजित था. लगता है कि बच्चों को 3 घंटे तक भूखा रखने के बाद भी आयोजकों का मन नहीं भरा था, तभी तो जैसे ही राजनाथ सिंह कार्यक्रम में पहुंचे आयोजक तुरंत उन्हें पौधारोपण कराने ले गए. इस दौरान राजनाथ सिंह ने कुछ VIP लोगों से भी मुलाकात की, इसके बाद उन्होंने दिव्यांग बच्चों को व्हीलचेयर बांटी.

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वहीं इतंज़ार की वजह बताते हुए आयोजकों का कहना था कि वो चाहते थे कि बच्चों के साथ केंद्रीय मंत्री की फ़ोटो खिंच जाए. 2 साल की एक बच्ची की मां अनीता कुमारी ने HT से बातचीत के दौरान बताया, 'हम सुबह 9 बजे से इंतज़ार कर रहे हैं, अब 11.30 बजे रहे हैं, बच्ची भूख से रो रही है, मैं उसे कुछ खिलाना चाहती हूं.'

वैसे ये किस किताब में लिखा है कि खाना-पीना खा कर मंत्री जी के साथ तस्वीर नहीं ली जा सकती है. दिव्यांग मासूमों के साथ हुआ ये व्यवहार बेहद निंदनीय है.