ड्रिंक कर के नशे में गाड़ी चलाने वालों, ये ज़रुरी ख़बर आपके लिए ही है. दरअसल, ड्रिंक एंड ड्राइव से होने वाली मौत के दोषी पाए जाने पर अब सख़्त सज़ा के लिए तैयार रहना होगा क्योंकि सरकार इसे लेकर काफ़ी कड़े कदम उठाने जा रही है.

अब से अगर कोई व्यक्ति नशे की हालत में गाड़ी चला रहा है और दुर्घटना के दौरान किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो उस शख़्स को 7 साल के लिए जेल जाना पड़ सकता है. अभी तक ऐसे किसी केस में धारा 304 A के तहत, सज़ा के तौर पर दो साल की जेल, फ़ाइन या दोनों का प्रावधान है, लेकिन अब सरकार इस जुर्म के लिए सज़ा की अवधि बढ़ा कर 7 साल जेल करने की तैयारी में है. आकंड़ों के मुताबिक, भारत में सड़क दुर्घटनाओं में हर साल लगभग 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है.

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ये फ़ैसला बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को मद्देनज़र रखते हुए लिया गया है, इसके साथ ही मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन का मसौदा भी तैयार किया गया है. संसद की एक स्थायी समिति ने शुक्रवार को राज्यसभा में अमेंडमेंट बिल की रिपोर्ट जमा की. इसमें रोड ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने 15 मुद्दों को लेकर ऐक्ट में संशोधन का प्रस्ताव दिया है.

इसके अलावा सभी वाहनों के लिए आजीवन थर्ड पार्टी बीमा कराना भी अनिवार्य होगा. आंकड़े कहते हैं कि इस समय देश के करीब आधे वाहनोंं का थर्ड पार्टी बीमा नहीं है. इसके चलते ऐसे वाहनों से दुर्घटना की सूरत में पीड़ितों को कोई आर्थिक मदद नहीं मिल पाती. साथ ही दुघर्टना में किसी को घायल करने वाले चालक को पीड़ित के साथ अस्पताल में समय बिताने का प्रस्ताव भी है, जिससे कि वह उसका दर्द समझ सके.

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