त्रिपुरा के मुख्यमंत्री, बिप्लब देब...बस नाम ही काफ़ी है.

मंत्री जी ने इतने ऊल-जलूल बयान दे दिए हैं कि अब कहीं नाम भी दिख जाए, तो दिमाग़ पहले से ही चौकन्ना हो जाता है कि ज़रूर कोई अजीब बयान दिया होगा.

News 18 के मुताबिक, इस बार बिप्लब देब ने कहा है कि बत्तख नदी, तालाब के जल में ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने में मदद करती हैं.

Source: Janta Ka Reporter

मुख्यमंत्री रुद्रसागर में एक कृत्रिम झील, नीरमहल का उद्घाटन कर रहे थे और वहीं उन्होंने ये बयान दिया. उन्होंने ने ये भी कहा कि वे गांववालों को बत्तख देना चाहते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे ग्रामवासियों की आमदानी में इज़ाफ़ा होगा.

बिप्लब ने कहा,

जब बतख पानी में तैरती हैं तो पानी का ऑक्सीजन स्तर अपने-आप बढ़ जाता है. इससे मछलियों को ज़्यादा ऑक्सीजन मिलेगा और मछलियों की पैदावार बढ़ेगी, वो भी बिल्कुल Organic तरीके से.

कुछ दिनों पहले मंत्री जी ने कहा था कि इंटरनेट भारत के लिए नया नहीं है और महाभारत काल से ही इंटरनेट का प्रयोग किया जा रहा है.

ANI ने इस संबंध में Indian Council of Forestry Research & Education के वैज्ञानिक ए.देबबर्मा से बात की. ए देबबर्मा ने कहा,

बत्तख-मछली पालन Integrated Farming है. बत्तख का मल मछलियों के उत्पादन में मदद करता है. बत्तख Natural Aerator है और ये पानी के ऑक्सीजन स्तर को बढ़ाने में सहायता करता है. कई Studies में ये साबित हो चुका है.

बिपलब के Officer on Special Duty संजय मिश्रा का दावा है कि बिप्लब के बयानों पर हो रहे हंगामा का एकमात्र मकसद है, उनकी छवि बिगाड़ना.

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