बॉलीवुड में हर साल हज़ारों फ़िल्में बनती हैं. इनमे से कुछ को दर्शकों का ख़ूब प्यार मिलता है, तो वहीं कुछ दर्शकों की वाहवाही लूटने में सफ़ल नहीं हो पाती. अब इन दो तरह की फ़िल्मों में भी एक सीन है. सीन ये है कि जो फ़िल्में दर्शकों को अच्छी लग जाती हैं, बॉलीवुड वाले उनका Sequel बना डालते हैं. बात फिर वहीं घूम फिर कर आ जाती है. सीक्वल फ़िल्मों की इस रेस में कुछ फ़िल्में चलती हैं, तो बुरी तरह पिट जाती हैं.

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ये हैं वो सीक्वल फ़िल्में, जो दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ने में नाकामयाब रहीं:

1. वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा

ये फ़िल्म 2010 में आई हिट फ़िल्म 'वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई' का स्क्वील थी. 'वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई' में अजय देवगन, प्राची देसाई, कंगना रनौत और इमरान हाशमी मुख्य किरदार में थे. इस फ़िल्म में अजय देवगन और इमरान हाशमी की केमेस्ट्री लोगों को काफ़ी पसंद आई थी, पर वहीं अक्षय कुमार और इमरान ख़ान स्टारर फ़िल्म 'वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा' की कहानी लोगों पर अपना जादू नहीं चला पाई. कमज़ोर कहानी की वजह से फ़िल्म ने बॉक्स ऑफ़िस पर अच्छा कलेक्शन नहीं किया.

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2. हाउसफ़ुल 2

2010 में 'हाउसफ़ुल' की सफ़लता को देखते हुए डायरेक्टर साज़िद ख़ान ने 'हाउसफ़ुल 2' बनाने का निर्णय लिया. फ़िल्म में अक्षय कुमार, जॉन अब्राहिम, रितेश देशमुख, जैकलीन, असिन, ज़रीन और मिथुन चक्रवती जैसे तमाम स्टार थे. हांलाकि स्टार्स की ये भीड़ दर्शकों को हंसाने में सफ़ल नहीं हो पाई थी.

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3. मर्डर 3

मर्डर 3, 2011 में आई मर्डर 2 की स्क्वील थी. फ़िल्म का निर्देशन महेश भट्ट ने किया था, जिसमें मुख्य किरदार में रणदीप हुड्डा, अदिति राव हैदरी और सारा लोरेन थी. फ़िल्म में रणदीप हुड्डा ने एक फ़ोटोग्राफ़र का रोल निभाया, जो कि रौशनी (अदिति राव हैदरी) से प्यार करने लगता है. इन दोनों की प्रेमकहानी शुरू होती ही है कि बीच में नाओमी (तोनिषा पवार) की एंट्री हो जाती है. ये सब देख रौशनी विक्रम (रणदीप हुड्डा) की लाइफ़ से दूर जाने का फ़ैसला लेती है, बस यहीं से शुरू होती है फ़िल्म की बोरिंग कहानी.

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4. फिर हेरा फेरी

'हेरा फेरी' में सुनील शेट्टी, अक्षय कुमार और परेश रावल की तिगड़ी ने हमें ख़ूब हंसाया था, लेकिन वो हंसी का ये तड़का 'फिर हेरा फेरी' में कुछ कम सा लगा. यही वजह है कि फ़िल्म 'हेरा फेरी' जितनी कमाई नहीं कर पाई.

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5. गोलमाल 3

रोहित शेट्टी की इस कॉमेडी फ़िल्म में अजय देवगन, अरशद वारसी, तुषार कपूर, कुनाल खेमू, श्रेयस तलपड़े, करीना कपूर, जॉनी लीवर, रत्ना पाठक शाह, और मिथुन चक्रवर्ती मुख्य किरदार में थे. फ़िल्म के पहले सीन से लेकर आख़िरी तक में कॉमेडी थी, लेकिन बस बीच में कहानी काफ़ी बोरिंग सी लगने लगती है.

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6. सरकार राज (2008)

ये फ़िल्म एक भारतीय राजनीतिक क्राइम थ्रिलर है, जिसका निर्देशन राम गोपाल वर्मा ने किया था. फ़िल्म में अमिताभ बच्चन, अभिषेक और ऐश्वर्या सभी ने अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया, लेकिन फ़िल्म की कहानी लोगों को काफ़ी कमज़ोर नज़र आई.

7. भेजा फ़्राई 2

'भेजा फ़्राई' का पहला पार्ट 2007 में आया था. कॉमेडी के नाम पर दर्शकों को ये फ़िल्म दिखा कर सिर्फ़ बेवकूफ़ बनाने का काम किया गया था, जिसका अंदाज़ा इसके बॉक्स ऑफ़िस कलेक्शन से लग जाता है.

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8. रॉक ऑन 2

यूं, तो फ़रहान अख़्तर का नाम सुनते ही लोग खिंचे चले आते हैं, पर 'रॉक ऑन 2' के साथ ऐसा नहीं था. फ़िल्म में फ़रहान के अलावा अर्जुन रामपाल और श्रद्धा कपूर भी थी. फ़िल्म का म्यूज़कि जितना ज़बरदस्त था, फ़िल्म की कहानी उतनी ही कमज़ोर थी.

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9. फ़ोर्स 2

फ़िल्म का लीड रोल जॉन अब्राहम ने निभाया है. फ़िल्म की कहानी उन अंडरकवर एजेंट्स पर आधारित थी, जो हर पल देश के लिये जान देने को तैयार रहते हैं. इसके बावजूद उन्हें शहीद का दर्जा नहीं मिल पाता.

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10. राज़ रिबूट

'राज़' फ़िल्म में बिपासा बासु और डिनो मोरिया की जोड़ी को दर्शकों की इतनी सराहना मिली कि इसके स्क्वील बनने लगे. इसी का 4 पार्ट थी 'राज़ रिबूट', जिसने डराने के नाम पर आधी मूवी में ही दर्शकों को थेयटर छोड़ने पर मजबूर कर दिया था.

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कुछ भी करना, बस फ़िल्मों के नाम ऐसे सीक्वल न बनाना.