Bollywood Horror Film: 'भूत वाली फ़िल्म' बचपन की लाइन तो याद होगी क्योंकि तब बहुत ही कम बच्चे थे जो 'हॉरर फ़िल्म' बोलते होंगे. सभी बच्चे भूत वाली फ़िल्म ही बोलते थे. इन भूत वाली फ़िल्मों (Bollywood Horror Film) से हमें मिलाया था रामसे ब्रदर्स ने. इन्होंने हमें गलियों से गुज़रते और छुपन छुपाई खेलते हुए डराया था. बगल वाले घर से अपने घर आने का डर क्या होता है वो इनकी फ़िल्मों से आया था. इसके बाद भी इनकी हॉरर फ़िल्में देखना नहीं छोड़ते थे. अगर पता चल जाए कि रामसे ब्रदर्स की कोई भी फ़िल्म टीवी पर आने वाली है तो समझो जिसके यहां चल रही है वही पहुंच जाते थे क्योंकि पहले आज की तरह ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म नहीं होते थे कि कभी भी मन किया तो फ़िल्म देख ली.   

Bollywood Horror Film
Source: republicworld

ये वो दौर था, जब बगल के घरवाला टीवी भी उतना ही अपना था जितना कि अपना अपना टीवी था. फ़िल्म जिस दिन आती थी उस दिन पूरी कॉलोनी के टीवी में वही फ़िल्म (Bollywood Horror Film) चलती थी. डरते भी सब साथ थे फिर भी फ़िल्म से आंख नहीं हटाते थे. आज उन्हीं यादों को ताज़ा करने के लिए रामसे ब्रदर्स की कुछ फ़िल्मों की लिस्ट लाए हैं.

ये भी पढ़ें: बॉलीवुड की ये 10 हॉरर फ़िल्में देख कर बोलोगे कि ये डरने के लिए नहीं, बल्कि हंसने के लिए बनी थीं

Bollywood Horror Film

1. धुंद: द फ़ॉग (Dhund: The Fog), 2003

2003 में रिलीज़ हुई धुंद: द फ़ॉग अमेरिकन फ़िल्म 'I Know What You Did Last Summer' की रीमेक थी. इसका निर्देशन श्याम रामसे ने किया था. इस फ़िल्म में अमर उपाध्याय, अदिति गोवित्रिकर, अपूर्वा अग्निहोत्री और इरफ़ान ख़ान मुख्य भूमिका में थे.

2. पुरानी हवेली (Purani Haveli), 1989

रामसे प्रोडक्शन की फ़िल्म पुरानी हवेली दीपक पाराशर और अमिता नांगिया मुख्य भूमिका में थे. इसकी कहानी एक पुरानी भूतिया हवेली के ईर्द-गिर्द घूमती है.

3. बंज दरवाज़ा (Bandh Darwaza), 1990

1990 में आई फ़िल्म बंद दरवाज़ा इतनी डरावनी थी कि इसे अकेले देख पाना नामुमकिन था. रामसे प्रोडक्शन में बनी इस फ़िल्म में अरुणा ईरानी भी थीं.

4. सन्नाटा (Sannata), 1981

1981 में आई फ़िल्म सन्नाटा में एक हॉरर मर्डर मिस्ट्री थी. इसमें सारिका, विनोद मेहरा, हेलेन, बिंदिया गोस्वामी और टुनटुन मुख्य भूमिका में थे.

5. दो गज़ ज़मीन के नीचे (Do Gaz Zameen Ke Neeche), 1972

1972 में रिलीज़ हुई फ़िल्म दो गज़ ज़मीन के नीचे एक हॉरर ड्रामा थी, िजसे देखने के बाद दर्शकों के डर की कोई सीमा नहीं रही थी. फ़िल्म में सत्यन कप्पू, धूमल और हेलेन मुख्य भूमिका में थे.

6. डाक बंगला (Dak Bangla), 1987

1987 में आई इस फ़िल्म को केशू रामसे ने डायरेक्ट किया था. इसमें रंजीत, मज़हर ख़ान और राजेंद्र नाथ मुख्य भूमिका में थे.

7. पुराना मंदिर (Purana Mandir), 1984

पुराना मंदिर की कहानी में सामरी, नाम के शैतान के ईर्द-गिर्द घूमती है. फ़िल्म में मोहनीश बहल, पुनीत इस्सर, सदाशिव अमरापुरकर और आरती गुप्ता मुख्य भूमिका में थे.

8. वीराना (Veerana), 1988

1988 में आई हेमंत बिर्जे और जैस्मीन अभिनीत वीराना डर का दूसरा नाम थी. इसे देख पाना सबके बस की बात नहीं थी. इसमें एक तांत्रिक और लड़की की कहानी थी, जो उसे अपने वश में कर लेता है.

9. घुंघरू की आवाज़ (Ghungroo Ki Awaaz), 1981

ठाकुर रणजीत सिंह और काजल की ज़िदगी पर आधारित ये एक हॉरर फ़िल्म थी. फ़िल्म में विजय आनंद, रेखा, धीरज कुमार और लीला मिश्रा मुख्य भूमिका में थीं.

10. तहख़ाना (Tahkhana), 1986

ठाकुर सुरजीत सिंह और उनकी संपत्ति के बंटवारे पर आधारित ये हॉरर फ़िल्म एक हॉरर ड्रामा थी. इसमें आरती गुप्ता और हेमंत बिर्जे मुख्य भूमिका में थे.

देखना ज़रूर, क्योंकि डर के आगे ही जीत है.