आजकल फ़िल्में दर्शकों को पसंद आने के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ़ पैसे कमाने के लिए बनाई जाती हैं. मेकर्स दर्शकों को बेवकूफ़ समझते हैं कि वो कुछ भी स्टोरी लाएंगे और दर्शक उसे पसंद कर लेंगे. मगर आज की ऑडियंस बहुत समझदार हो गई है. शायद इसीलिए ही वो अच्छी और ख़राब फ़िल्मों में फ़र्क़ करना जानती है. तभी तो हज़ारों, लाखों फ़िल्मों में से वो चंड ख़राब फ़िल्मों को पहचान लेती हैं. 

ऐसी ही कुछ फ़िल्में ये रहीं, जिन्हें देखने के बाद आपने अपना माथा पकड़ लिया होगा.

1. मिलन टॉकीज़

rediff

मिलन टॉकीज़ तिग्मांशु धूलिया द्वारा निर्देशित रोमांटिक ड्रामा फ़िल्म थी. इसे तिग्मांशु धूलिया और कमल पांडे ने लिखा था. फ़िल्म में अली फ़ज़ल, श्रद्धा श्रीनाथ, आशुतोष राणा, संजय मिश्रा, रेखा सिन्हा और सिकंदर खेर थे. इसकी इतनी बड़ी स्टारकास्ट भी इस फ़िल्म को नहीं बचा पाई क्योंकि फ़िल्म की कहानी में कोई दम नहीं था.

2. हाउसफ़ुल 4

bookmyshow

हाउसफ़ुल 4 कॉमेडी फ़िल्म थी, जिसे फ़रहाद समज़ी द्वारा निर्देशित और नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट के तहत साजिद नाडियाडवाला द्वारा इसका निर्माण किया गया था. ये फ़िल्म हाउसफ़ुल फ़्रैंचाइज़ी की चौथी फ़िल्म थी. इसमें अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, बॉबी देओल, कृति सनोन, पूजा हेगड़े और कृति खरबंदा मुख्य भूमिका में थे. इस फ़िल्म के बेसिर पैर के डायलॉग लाइफ़ के किसी भी स्थिति से नहीं मिलते थे.

3. द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर

businesstoday

दि एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर, विजय रत्नाकर गुट्टे द्वारा निर्देशित और मयंक तिवारी द्वारा लिखित पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ज़िंदगी पर आधारित थी. इसका निर्माण बोहरा ब्रदर्स ने रुद्र प्रोडक्शन (यूके) के तहत किया था, जो पेन इंडिया लिमिटेड के बैनर तले जयंतीलाल गाड़ा के सहयोग से किया गया था. इसमें अनुपम खेर ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के किरदार में नज़र आए थे, जिन्होंने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के तहत 2004 से 2014 तक भारत के 13वें प्रधानमंत्री के रूप में काम किया.

4. ख़ानदानी शफ़ाख़ाना

indiatoday

ख़ानदानी शफ़ाख़ाना, शिल्पी दासगुप्ता द्वारा निर्देशित कॉमेडी फ़िल्म थी. इसके निर्माता भूषण कुमार, महावीर जैन, मृगदीप लांबा, दिव्या खोसला कुमार और कृष्ण कुमार थे. इसमें सोनाक्षी सिन्हा, बादशाह, वरुण शर्मा, और अन्नू कपूर की मुख्य भूमिका थी.

5. कलंक

indiatoday

संजय लीला भंसाली की तर्ज़ पर चले करन जौहर अपनी बड़ी स्टार कास्ट वाली इस फ़िल्म से लोगों का दिल जीतने में नाकाम रहे थे. फ़िल्म में संजय दत्त, आलिया भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा, आदित्य रॉय कपूर और माधुरी दीक्षित भी कुछ कमाल नहीं कर पाए क्योंकि फ़िल्म की कहानी बिल्कुल ठंडी थी. इसके निर्देशक अभिषेक वर्मन थे. 

6. मरजावां

zeebiz

ये फ़िल्म की कहानी एक प्रेमी और गैंगस्टर की है, गैंगस्टर जो 3 फ़ीट का है. रितेश देशमुख का डायलॉग ‘कमीनेपन की हाइट 3 इंच है’ का लोगों ने ख़ूब मज़ाक उड़ाया था. फ़िल्म की कहानी में कोई दम नहीं था, लेकिन इसके गाने लोगों को पसंद आए. इसके निर्देशक मिलाप ज़ावेरी थे. इसमें रितेश देशमुख, सिद्धार्थ मल्होत्रा, तारा सुतारिया और रकुल प्रीत सिंह मुख्य भूमिका में थे. 

7. स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर 2

indiatoday

स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर 2 अरशद सईद द्वारा लिखित और पुनीत मल्होत्रा द्वारा निर्देशित स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर का सीक्वेल थी. इसे करन जौहर, हीरू यश जौहर और अपूर्व मेहता द्वारा धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनाया गया था. इसमें टाइगर श्रॉफ़, तारा सुतारिया और अनन्या पांडे मुख्य भूमिका में थे.

Entertainment से जुड़े आर्टिकल ScoopwhoopHindi पर पढ़ें.