पुलवामा हमले के बाद से ही देश में काफ़ी कुछ हो रहा है. वहीं 26 फरवरी को जहां एक ओर भारत एयर स्ट्राइक की तैयारी कर रहा था, तो वहीं दूसरी ओर मुंबई में इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMMPA) की काफ़ी गंभीर मीटिंग चल रही थी. ये मीटिंग प्रोड्यूसर्स की आगामी फ़िल्मों के नाम को लेकर हो रही थी.

इस मीटिंग में पांच अलग-अलग Production Companies के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और फ़िल्म के नाम को लेकर फ़ॉर्म भरा. रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यालय में मौजूद एक शख़्स ने इस मीटिंग को खिचड़ी बताया, जिसमें प्रोड्यूसर्स बालाकोट, सर्जिकल स्ट्राइक 2.0 और पुलवामा अटैक्स जैसे फ़िल्म टाइटल लेने के लिये लड़ाई लड़ रहे थे.

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हांलाकि, प्रोड्यूसर्स के बीच फ़िल्म टाइटल को लेकर ये जंग 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' सफ़लता को देखते हुए हो रही थी. यही नहीं, ख़बर ये भी है कि जिस दिन पुलवामा अटैक हुआ, उसी दिन 'पुलवामा पुलवामा: सर्जिकल स्ट्राइक', 'वॉर रूम', 'हिंदुस्तान हमारा है', 'पुलवामा टेरर अटैक', 'द अटैक ऑफ़ पुलवामा', 'विद लव, फ़्रॉम इंडिया, और 'एटीएस - वन मैन शो' जैसे कई नाम रजिस्टर कराये जा चुके थे. ये आंकड़ा ट्रेड पत्रिका कम्प्लीट सिनेमा द्वारा उपलब्ध कराया गए.

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वहीं 27 फरवरी को IMMPA के एक प्रतिनिध ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि पिछले सप्ताह पुलवामा अटैक और बालकोट के नाम पर कई प्रोडेक्शन हाउस ने रजिस्ट्रेशन फ़ॉर्म भरे हैं. इनमें से कुछ Abundantia और T Series के भी हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, किसी फ़िल्म का टाइटल अप्रूव कराने के लिये Production House को कम से कम 4-5 नाम लिख कर देने होने होते हैं, इसके साथ ही 250 रुपये भी, जिसमें 18 प्रतिशत जीएसटी लगा होता है.

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जिस दिन पाकिस्तान ने भारतीय पायलट को पकड़ने की पुष्टि की, तभी IMMPA के कार्यलय में इस टाइटल को लेकर भी चेकिंग शुरु हो गई. यानि अगर किसी ने अब तक इस नाम को फ़ाइनल नहीं किया, तो जल्द ही करा ले.

धन्य हो बॉलीवुड!