वेटरन एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर ने 60-80 के दशक में हिंदी सिनेमा में अपने दमदार अभिनय से अपनी एक अलग पहचान बनाई है. उन्होंने 60-70 के दशक में एक के बाद एक कई फ़िल्मों में ज़बरदस्त अभिनय किया था. शर्मिला ने अपने फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत 1959 में सत्यजीत रे की फिल्म 'अपुर संसार' से की थी. 60-80 के दशक बड़े पर्दे पर शर्मिला का ही राज़ था. इस दौर में उन्होंने 'अराधना', 'अमर प्रेम', 'सफर', 'कश्मीर की कली', 'मौसम', 'तलाश', 'वक़्त','फ़रार', 'आमने-सामने' ‘चुपके-चुपके’ जैसी कई सुपरहिट फ़िल्मों में काम किया.

sharmila tagore
Source: mywordsnthoughts

1964 में आई कश्मीर की कली फ़िल्म ने शर्मीला टैगोर के करियर को बुलंदियों पर पहुंचा दिया था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शर्मिला टैगोर का नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर से क्या कनेक्शन है? चलिए आज इस राज़ से भी पर्दा उठा देते हैं.

sharmila tagore
Source: medium

शर्मिला टैगोर का जन्म 8 दिसंबर 1944 में एक बंगाली परिवार में हुआ था. उनके पिता गितेन्द्रनाथ टैगोर 'टैगोर एल्गिन मिल्स' के ब्रिटिश इंडिया कंपनी के महाप्रबंधक थे. उनकी मां असम की रहने वाली थीं. शर्मिला की मां की मां यानि उनकी नानी नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के भाई द्विजेंद्रनाथ टैगोर की नातिन थीं.

sharmila tagore
Source: wiki

शर्मिला टैगोर की गिनती भारतीय फ़िल्मों की सशक्त अभिनेत्रियों में की जाती है. उनके बेहतरीन अभिनय के लिए उनको दो बार राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार और दो बार फ़िल्म फे़यर अवॉर्ड से नवाज़ा जा चुका है.

sharmila tagore
Source: hindustantimes

यही नहीं शर्मिला जी को साल 2013 में देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है. उन्होंने भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली ख़ान पटौदी से शादी की थी.

Entertainment के और आर्टिकल पढ़ने के लिये ScoopWhoop Hindi पर क्लिक करें.