Dilip Kumar’s Interesting Story About His Nickname ‘Chico’: हिंदी सिनेमा के मशहूर एक्टर दिलीप कुमार को उनकी बहुत सी सुपरहिट फ़िल्मों के लिए याद किया जाता है. लेकिन हर सुपरस्टार की कोई ना कोई बैक स्टोरी होती है. जिसे बहुत ही कम लोग जानते हैं. दिलीप कुमार की भी एक ऐसी ही स्टोरी थी. जब एक्टर बनने से पहले वो पुणे में सैंडविच बेचने का बिज़नेस करते थे. वहां से उन्हें एक यूनिक नाम भी मिला था. चलिए इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको दिलीप कुमार के नाम ‘चीकू’ का दिलचस्प किस्सा बताएंगे.

ये भी पढ़ें- अमिताभ बच्चन बॉलीवुड में डेब्यू करने से पहले करते थे नौकरी, जानिए 1968 में कितनी थी उनकी सैलरी

चलिए जानते हैं बॉलीवुड के मशहूर एक्टर दिलीप कुमार की ‘Nickname’ की दिलचस्प कहानी-

दिलीप का सैंडविच बिज़नेस ज़बरदस्त चल रहा था

wikipedia

दूसरे विश्व युद्ध के बादल मंडरा रहे थे और दूसरी तरफ पेशावर के हैंडसम हंक अंग्रेज़ और उनके बीवियों को अपने लुक्स से दीवाना कर रहे थे. उनके लाजवाब सैंडविच भी लोगों को काफ़ी पसंद आ रहे थे. जी हां! दिलीप कुमार एक्टर बनने से पहले पुणे में सैंडविच का बिज़नेस करते थे. उन्होंने अपनी बायोग्राफ़ी में लिखा है कि “मेरा सैंडविच का बिज़नेस ज़बरदस्त चल रहा था. सारे सैंडविच हाथों हाथ बिक जाते थे और जो देर से आता था, उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता था”.

घर छोड़कर सैंडविच का बिज़नेस शुरू करने का सफ़र अनोख़ा था

english.mathrubhumi

उन्होंने अपनी किताब में लिखा है, “मुझे याद नहीं है, लेकिन मैं बहुत छोटा था. जब मैं पुणे के लिए निकला था. ये तब हुआ जब मैं मेरी मेरे पिता ‘आघाजी’ के साथ मेरी छोटी सी लड़ाई हो गई थी. हम दोनों एक दूसरे को कुछ ख़राब नहीं कहा. उन्हें किसी बात पर गुस्सा आ गया था और मैं उनकी आंखों में नहीं देख पा रहा था. इसलिए मैंने निर्णय लिया और मैं चुप चाप घर से चला गया और मेरे दिल में गुस्सा नहीं बस दिल दुखी था.

उन्होंने बताया कि “मैं सिर्फ़ घर से 40 रुपये लेकर निकला था. मैंने बोरी बंदर से पुणे तक की ट्रेन पकड़ी थी. जिसमें हर तरीक़े के पुरुष और महिलाएं थी. एक छोटे भीड़-भाड़ वाला थर्ड-क्लास कम्पार्टमेंट था. क्योंकि मैंने कभी भी थर्ड-क्लास कम्पार्टमेंट में ट्रेवल नहीं किया था. “

दिलीप कुमार ने अपनी किताब में लिखा कि बाद में वो पुणे के एक ईरानियन कैफ़े में चाय और बिस्कुट खाने गए. वहां उन्होंने काम के बारे में पूछा. तभी उनके दिमाग में बिज़नेस करने का आईडिया आया था.

“अपनी दुकान में ऑफ़िसर को सर्व करते वक़्त मुझे “चीकू” नाम मिला. मेरी पत्नी सायरा बानो भी मुझे प्यार से कभी-कभी चीकू ही बुलाती है. मुझे पता चला कि “चीकू का मतलब स्पेनिश भाषा में – “जवान लड़का” होता है.”