कहते हैं जैसी सोच, वैसी बरक़त. यानि आप जैसा सोचेंगे, ज़िंदगी आपको वैसे ही दिन दिखायेगी. अगर अच्छा सोचते हैं, तो अच्छा होता है. ग़लत सोचते हैं, तो ग़लत होता है. बर्शेते अच्छे दिनों के लिये आपको कड़ी मेहनत भी करनी होती है, क्योंकि कोई भी चीज़ आपको आसानी से नहीं मिलती. फिर चाहे वो आम इंसान हो या पर्दे पर हमारा मनोरंजन करने वाले कलाकार.

जैसे कि सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ ने बताया कि वो आज जो कुछ भी हैं सिर्फ़ और सिर्फ़ अपनी मेहनत की बदौलत हैं. म्यूज़िक और अभिनय की दुनिया में उन्होंने जो कुछ हासिल किया, उसकी वजह उनका हार्ड वर्क और आत्मविश्वास है. यही नहीं, उन्होंने तो मन ही मन ये भी ठान रखा था कि अगर वो संगीतकार नहीं बने, तो कारखाने में काम करके ज़िंदगी निकालेंगे.

करोड़ों लोगों के दिलों पर राज करने वाले दिलजीत कहते हैं कि 'एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में आने से पहले लोग मुझसे कहते थे कि यहां वही टिकता है, जिसका कोई गॉडफ़ादर होता है. पर मुझे यकीन था कि अगर मैंने प्रयास किया, तो सफ़ल हो जाऊंगा. इस कार्य में वक़्त लगेगा, पर हां एक दिन इसके लिये मुझे ईनाम ज़रूर मिलेगा.'

वो कहते हैं कि उनकी ज़िंदगी में एक पल ऐसा भी था, जब उन्होंने संगीत के अध्यन के सिवा कुछ नहीं किया. अगर वो संगीत में कुछ नहीं कर पाते, तो बैकअप के रूप में कारखाने में काम करने का सोचा था. दिलजीत कहते हैं, बड़ा लक्ष्य, मेहनत और दृढ़ता ही सफ़लता का एकमात्र सीक्रेट है. सोचिये अगर दिलजीत भी हार मान लेते, तो हमें एक बेहतरीन सिंगर और एक्टर कैसे मिलता. जो होता है न अच्छे के लिये ही होता है जी. आप भी हार नहीं मानना और दिलजीत की तरह अपने लक्ष्य की तरफ़ बढ़ते रहना, क्योंकि इंसान अपनी क़िस्मत अपने हाथों लिखता है.