स्कूल के दिन अब कभी नहीं आएंगे. लैपटॉप की टक-टक के बीच कई बार ख़याल आता है कि दफ़्तर के 8 घंटे से बेहतर थे स्कूल के 6-7 घंटे. कभी-कभी यक़ीन नहीं होता कि 7 बजे के स्कूल के लिए हम सुबह उठ जाते थे!

स्कूल की बेहद ख़ूबसूरतों यादों में से एक हैं स्कूल में होने वाले प्रोग्राम. अपने हाउस, अपनी क्लास को जिताने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा देते थे. किसी और को फ़र्स्ट प्राइज़ मिलने पर उसे 'टीचर या प्रिंसिपल का चमचा' भी घोषित कर दिया जाता था. 
स्कूल के फंक्शन्स के नाम पर क्लास बंक करने का मलाल नहीं होता था. भले ही फ़ाइनल परफ़ॉरमेंस के दिन टीचर हद से ज़्यादा मेकअप कर दे, पर उस एक्साइटमेंट के बारे में याद करके आज भी मीठी-सी गुदगुदी होती है.  

आज याद करते हैं उन गानों को जिन पर हर बच्चे ने स्कूल में परफॉरमेंस ज़रूर दी होगी-

     

1. देस रंगीला, फ़ना 

2. रंगीलो म्हारो ढोलना

3. बुमरो बुमरो, मिशन कश्मीर

4. डोला रे डोला रे, देवदास

5. सुनो ग़ौर से दुनिया वालों, दस

6. धड़क धड़क धुंआ उड़ाए रे, बंटी और बबली

7. पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा, क़यामत से क़यामत तक 

8. मेरा नाम चिन चिन चूं, हावड़ा ब्रिज 

9. ढोली तारो ढोल बाजे, हम दिल दे चुके सनम 

10. कोई कहे कहता रहे, दिल चाहता है 

11. जय हो, स्लमडॉग मिलियनेर 

12. बरसो रे मेघा, गुरू 

13. याद पिया की आने लगी 

14. It Happens Only In India, परदेसी बाबू 

15. आजा नचले, आजा नचले 

कोई एक गाना लगाकर, डांस कर लो और क्या?