Koi Mil Gaya Actor Rajat Bedi: 90 के दशक के विलेन रजत बेदी जो कद-काठी से किसी हीरो से कम नहीं लगते थे. इन्होंने ‘इंटरनेशनल खिलाड़ी’, ‘द ट्रेन’, ‘जानी दुश्मन’, ‘रॉकी’ और ‘अंगार: द फ़ायर’ जैसी फ़िल्मों में काम किया है. मगर इनकी सबसे ज़्यादा हिट और चर्चित फ़िल्म ‘कोई मिल गया’ रही है. इस ब्लॉकबस्टर फ़िल्म में ऋतिक रोशन और प्रीति ज़िंटा थीं. फ़िल्म का एक-एक किरदार फिर चाहे वो ऋतिक के बच्चों की टोली हो या जादू सभी सुपरहिट हुए थे. सिर्फ़ एक रजत बेदी ही थे जिन्हें फ़िल्म से सफलता नहीं, बल्कि डिप्रेशन मिला और इसी के चलते इन्होंने फ़िल्मों से भी दूरी बना ली.

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आइए जानते हैं आख़िर ऐसा क्या हुआ जो रजत बेदी (Koi Mil Gaya Actor Rajat Bedi) को इतना बड़ा फ़ैसला लेना पड़ा?

रजत बेदी ने इस बात का ख़ुलासा मुकेश खन्ना को दिये इंटरव्यू में किया है, उन्होंने कहा कि,

राकेश रोशन के डायरेक्शन में बनी फ़िल्म ‘कोई मिल गया’ बहुत बड़ी सुपरहिट साबित हुई थी लेकिन मैं फ़िल्म के आख़िरी सीन्स के कट होने से काफ़ी निराश था. इस फ़िल्म ने मेरी लाइफ़ में अहम रोल प्ले किया, जिसने मुझे एहसास कराया कि मुझे फ़िल्मों से ब्रेक ले लेना चाहिए. इसी के चलते मैं अपनी नई ज़िंदगी शुरू करने के लिए बॉलीवुड से बहुत दूर कनाडा चला गया.

रजत ने मुकेश खन्ना को अपनी मायूसी का कारण बताते हुए कहा कि,

जब मुझे पता चला कि प्रीति ज़िंटा और ऋतिक रोशन के साथ मेरे कई सीन्स काटे गए तो मैं डिप्रेशन में चला गया. इसके बाद, मुझे सबसे बड़ी निराशा तब हुई जब मुझे फ़िल्म के प्रोमोशन से पूरी तरह से अलग कर दिया गया. मैं बहुत निराश था क्योंकि एक अभिनेता के रूप में हमारी भी कुछ अपेक्षाएं होती हैं.

उन्होंने कहा कि,

‘कोई… मिल गया’ में मैंने कड़ी मेहनत की थी, फिर भी उनके दृश्य अंतिम कट तक नहीं पहुंच सके. उसमें काम काफी था मेरा, मेरा ट्रैक प्रीति ज़िंटा के साथ, ऋतिक का ट्रैक प्रीति के साथ, जब फ़ाइनल एडिट हुआ तब ज़ाहिर तौर पर ट्रैकें ही कट गईं.

Rajat Bedi
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कोई… मिल गया ही में नहीं रजत बेदी ने अपने साथ कई पिछली फ़िल्मों में भी ग़लत होने के बारे में बताया,

‘कोई…मिल गया’ एकमात्र फ़िल्म नहीं थी जिसने मुझे विदेश में रियल एस्टेट में काम करने के लिए प्रेरित किया बल्कि उससे पहले फ़िल्म रॉकी, जो सुरेश कृष्णा के निर्देशन में बनी थी इसमें ज़ायद ख़ान और मिनिषा लांबा मुख्य भूमिका में थे. और ज़ायद के पिता संजय ख़ान एडिटिंग का काम देख रहे थे तो ‘जब बाप अपने बेटे का करियर देख रहा है हर जगह तो काटना उसके हाथ में है’

उन्होंने आगे बताया,

उस वक़्त मैं सनी के साथ भी कई फ़िल्में कर रहा था..सनी देओल के साथ. तो वहां पर भी प्रोड्यूसर्स पैसे देते थे चेक बाउंस हो जाते थे. एक के बाद एक कई चेक बाउंस होने लगे. एक तो काम करो पूरी मेहनत करो जो कमिटमेंट है उससे कम में काम कर रहे थे वो भी पैसे नहीं मिलें तो निराशा होने लगती है. मैं ये सोच रहा था कि मैं कैसे बढ़ूंगा? फ़िल्में मिल रही हैं, नाम बन रहा है, वो सब ठीक है पर घर भी तो चलाना है!

रजत ने अपने फ़्रेंड सर्कल के बारे में बताया,

भगवान की दया से मेरा उठना-बैठना काफ़ी हाई सोसायटी में है. मेरा एक बहुत बड़ा सर्कल है फ़्रेंड्स का. कोई 2,000 करोड़ की कंपनी चला रहा है कोई 5,000 करोड़ की कंपनी चला रहा है. ये सभी मेरे बचपन के दोस्त थे. और मैं अपने आपको देखा करता था कि रजत, फ़ेमस तो हैं तू लेकिन पैसा कहां है? यहां पर मेरे पास दो ऑप्शन थे या तो रुक जाऊं और टेलीविज़न करूं क्योंकि ऑफ़र आ रहे थे बालाजी से. एकता कपूर से जो लॉन्च करना चाहती थीं टेलीविज़न में. या मेरा दूसरा ऑप्शन था कुछ न कर कनाडा चले जा और दोबारा ज़िंदगी शुरू कर.

मुकेश खन्ना ने पूछा कि वहां आपके दोस्त थे, रजत ने जवाब दिया,

नहीं, वहां कोई नहीं. जब मैं इंंटरनेशनल खिलाड़ी और द हीरो की शूटिंग कनाडा में कर रहा था तो मैं वहां जाया करता था और सोचता था कि मैं यहां से कभी न जाऊं कितनी ब्यूटीफ़ुल जगह है. उस वक़्त मेरी शादी भी हो चुकी थी और बच्चे भी थे. मेरी पत्नी ने कहा, जो तुम करो मैं उसमें ख़ुश हूं क्योंकि वो मुझे तक़लीफ़ में देख रही थीं. इसलिए मैं कनाडा चला गया और मैंने रियल एस्टेट का काम शुरू कर दिया क्योंकि एक एक्टर को जब सेटिस्फ़ैक्शन नहीं मिलता तो फ़्रस्ट्रेशन होती है और आप एक्टर हैं तो कोई काम भी नहीं कर सकते सब पहचानते हैं आपको.

आगे बताया,

मेरा वाइफ़ आर्किटेक्ट हैं तो मुझे पता था कि इन्हें घर बनाना आता है और मुझे पैसे लगाने तो मैंने बस यही राह पकड़ ली और बिज़नेस चल पड़ा. काफ़ी पैसे भी कमाये. हिज़नेस में भी उतार-चढ़ाव आए लेकिन पैेस भी कमा लिए थे. इस बीच मैंने पंजाबी फ़िल्मों में पैसा लगाना शुरू किया. अंदर से वो जुनून फ़िल्मों का जाता नहीं. जब आप इंडस्ट्री से दूर होते हैं तो आप और मिस करते हो इंडस्ट्री को. फिर मैंने सोचा कि इंडस्ट्री में वापस चलते हैं लेकिन लेगा कौन? इसलिए मैंने फ़िल्में प्रोड्यूस करना शुरू कर दीं. फिर मुझे एक OTT की फ़िल्म मिली ‘गोलगप्पे’ जिसमें मैंने प्रोड्यूस भी किया और अभिनय भी किया.

रजत ने लोगों से कहा कि,

छुट्टियां मनाने जाना है तो कनाडा जाइए. इसलिए मत जाइए कि सब जा रहे हैं क्योंकि आज प्रोग्रेस इंडिया में है कनाडा में नहीं, जब भी ऐसा करने की सोचें तो दो बार ज़रूर सोचिएगा. मुझे फिर से इंडस्ट्री में काम मिल रहा है जो एक ट्रैक बंद हुआ था वो दोबारा चालूू हो गया. वैसे मुझे सब कुछ मिला इसी इंडस्ट्री से है स्ट्रगल तो मेरा अभी भी चालू है उतार-चढ़ाव तो लगेे रहते हैं मगर मैं वापस आकर ख़ुश हूं. मेरा बेटा बड़ा हो गया है उसकी ट्रेनिंग शुरू हो गई मेरी बेटी ने भी 12th पास कर ली है.

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आपको फिल्म ‘कोई मिल गया’ में रजत बेदी का रोल राज सक्सेना के रूप में आज भी याद होगा. इस फिल्म के अलावा उन्होंने इंटरनेशनल खिलाड़ी (1999), द ट्रेन (2007), हेरा फेरी जैसी सुपरहिट फिल्मों में भी काम किया था. वहीं रजत 17 फरवरी को रिलीज हुई फिल्म ‘गोल गप्पे’ में भी नजर आए थे.

आप पूरा इंटरव्यू यहां देख सकते हैं:

रजत बेदी सबसे पहले Male Model हैं जिन्होंने Gladrags Manhunt International Mega Model का टाइटल जीता है.

आपको बता दें, रजत बेदी जाने-माने डायरेक्टर नरेंद्र बेदी के बेटे हैं, जिन्होंने ‘अदालत’, ‘दिल दीवाना’, ‘खोटे सिक्के’, ‘बंधन’ ‘सनम तेरी जैसी’ फ़िल्में बनाई हैं.