गाने और म्यूज़िक के बिना दिन निकल जाए, ऐसा हो सकता है भला? बहुत से लोग काम करते हुए भी लगातार बैकग्राउंड में कुछ न कुछ प्ले करते हैं. कुछ लोगों का कॉनसन्ट्रेशन ही म्यूज़िक की बदौलत बनता है और कुछ लोगों को सुकून से काम करने के लिए म्यूज़िक चाहिए.


फिर चाहे वो नये ज़माने का बॉलीवुड हो या ग़ज़ल या फिर कव्वाली.

कूल बनने के लिए सबके सामने अच्छे गाने सुनते हैं और शेयर करते हैं. ग़ौरतलब है कि दुनिया से छिपकर, अकेले में हम कुछ ऐसे गाने सुनते हैं जिन पर हमें गर्व नहीं है. ये अलग बात है कि सुनकर सिर और कंधे अपने आप हिलने लगते हैं, मन झूमने लगता है. अंग्रेज़ी में इस हरकत को Guilty Pleasure कहा जाता है. 

हमने अपने कोवर्कर्स से पूछा उनके 'Guilty Pleasures' गानों के बारे में और जवाब ये रहे- 

1. इशान

मिस्तर लोवा लोवा, इश्क़ (1997)

दिल डांस मारे रे, टशन (2008)

2. धीरेंद्र

बाबुजी ज़रा धीरे चलो, दम (2003)

3. कृतिका

चोली के पीछे क्या है, ख़लनायक (1993)

आशिक़ बनाया आपने, आशिक़ बनाया आपने (2005)

4. राशि

तुझको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं, कूली नंबर 1 (1995)

ज़ोर का झटका, एक्शन रिप्ले (2010)

5. अभिलाष

आ अंटे अम्लापुरम, आर्या (2004)

सुनो जी दुल्हन, हम साथ साथ हैं (1999)

6. माहीपाल

मयखाने से शराब से साक़ी से जाम से, पंकज उधास

क़सम की क़सम है क़सम से, मैं प्रेम की दिवानी हूं (2003)

7. अभय

बादशाह ओ बादशाह, बादशाह (1999)

लोटन कबूतर, दलाल (1993)

8. आकांक्षा

यार को मैंने मुझे यार ने, शीशा (2005)

किसी दिन बनूंगी मैं राजा की रानी, राजा (1995)

9. जय 

पी ले पी ले ओ मोरे राजा, तिरंगा (1993)

10. नबील

देखो 2000 ज़माना आ गया, मेला (2000)

ओ मेरे ख़ुदा, प्रिंस (2010)

11. ईशी

इश्क़ इश्क़ करना है कर लो- धूम (2004)

12. संचिता

वादी-ए-इश्क़ से आया है मेरा शहज़ादा, एल्बम- रहबर (1992)

थम के बरस, ज़रा थम के बरस, एल्बम- सितमगर (1998) 

आप अपने Guilty Pleasure गाने कमेंट बॉक्स में बताइए.