मनमोहन देसाई और अमिताभ बच्चन की सुपरहिट फ़िल्म थी कुली. ये वो फ़िल्म थी जिसकी शूटिंग के वक़्त करोड़ों भारतीयों के चहेते स्टार अमिताभ गंभीर रूप से घायल हो गए थे. लोगों ने उनके ठीक हो जाने के लिए प्रार्थना की थी. उनकी दुआओं का असर हुआ और अमिताभ बच्चन अस्पताल से फ़िट होकर लौटे और इस फ़िल्म की शूटिंग पूरी की.

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कुली से जुड़े इस क़िस्से के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन आज बात होगी इस फ़िल्म के आइडिया की. फ़िल्म के डायरेक्टर मनमोहन देसाई को इस टॉपिक पर फ़िल्म बनाने का आईडिया कहां से आया और उन्होंने कुली को ही बतौर हीरो क्यों पेश किया?

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एक इंटरव्यू में मनमोहन देसाई से इसके बारे में तफ़सील से बताया है. वो कहते हैं कि उनका ऑफ़िस बॉम्बे सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पास था. यहीं पर आते जाते हुए उन्होंने लाल शर्ट और सफ़ेद पैजामा पहने कुलियों को देखा था. स्टेशन पर एक कतार से बैठे कुली. उनका बैठने का स्टाइल, उनकी ड्रेस और वो ब्रॉस का बिल्ला.

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किस तरह से ट्रेन आने पर वो एक साथ भागते हैं. किसी से कोई झगड़ा नहीं करते और शाम को जो कमाई हुई वो आपस में बांट लेते थे. वो साथ में बैठकर खाना खाते थे. धर्म-जात-पात को लेकर उनके बीच कोई भेदभाव नहीं था. कोई झगड़ा नहीं करते, सवारियों का बोझ उठाते हैं.

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ये देख कर उन्हें आइडिया आया कि क्यों न इनको लेकर एक फ़िल्म बनाई जाए. इससे पहले भी वो समाज के निचले तबके कुली, वेटर, कलर्क आदि को लेकर फ़िल्म बनाने के बारे में सोचते थे. फ़ाइनली कुलियों को की ज़िंदगी से वो इतना प्रभावित हुए कि मनमोहन देसाई ने कुली की लाइफ़ पर फ़िल्म बनाने की ठान ली. फ़िल्म के लिए अमिताभ बच्चन को बतौर लीड हीरो साइन किया गया.

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इस फ़िल्म की पूरी शूटिंग रियल लोकेशन पर हुई थी. असली ट्रेन में ही इसकी शूटिंग की गई थी. 2 दिसंबर 1983 को फ़िल्म रिलीज़ हुई लोगों को ये बहुत पसंद आई. फ़िल्म ने उस ज़माने में लगभग 18 करोड़ रुपये का बिज़नेस किया था. पूरे देश पर ये फ़िल्म छा गई थी. मगर समस्या ये थी कि कुली क्म्युनिटी इस फ़िल्म को देख नहीं पा रही थी.

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इसलिए उनकी रिक्वेस्ट पर मनमोहन देसाई ने दिल्ली के मोती टॉकिज़ में स्पेशल शो चलवाए थे सुबह 7 बजे के. इस फ़िल्म को देखने के बाद सारे कुली फ़िल्म के पोस्टर के साथ फ़ोटो खिंचवाकर मनमोहन देसाई को भेजते थे.

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तो इस तरह एक सुपरहिट फ़िल्म बनाने का आइडिया मनमोहन देसाई को आया था. कुलियों को ट्रिब्यूट देते हुए उन्होंने एक गाना भी इस फ़िल्म में उनको डेडिकेट किया था. उसे आप यहां सुन सकते हैं.

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