हर जेनरेशन अपने गुज़रे ज़माने को याद कर ज़रूर आहें भरती है. हमारी जेनरेशन के साथ ये नोस्टेलजिया कुछ ज़्यादा ही है, क्योंकि इतनी तेज़ी से चीज़ें शायद पहले कभी चेंज भी नहीं हुई हैं. 

मसलन, पूरा देश और ख़ासतौर से पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा सेलिब्रेट की जा रही है. कोरोना महामारी के चलते ये पहली बार है, जब लोग ख़ुलकर इस विशेष अवसर को एन्जॉय नहीं कर पा रहे हैं. दुर्गा पूजा के बड़े-बड़े पंडाल, सड़कों पर चहल-पहल और सुबह से ही लाउडस्पीकर पर शुरू हो जाने वाले गीत हर किसी को याद आ रहे हैं.

ऐसे में हम आपके लिए ऐसे 13 गानों की लिस्ट लेकर आए हैं, जिन्हें कोलकाता या असापास रहने वालों लोग हमेशा से दुर्गा पूजा के अवसर सुनते आ रहे हैं. भले ही महामारी के चलते आप घर पर रहने को मजबूर हों, लेकिन इस प्लेलिस्ट के सहारे आप अपनी वाली दुर्गा पूजा का पूरा फ़ील ले सकते हैं.  

1.‘PRIYOTOMA MONE REKHO’- कुमार सानू

साल 1991 में रिलीज़ हुआ कुमार सानू का ये गाना बेहद फ़ेमस है. शायद ऐसा कोई भी पूजा या पंडाल नहीं होगा, जहां ये गाना एक बार बजा न हो. ये सिलसिला साल दर साल जारी है. यूं तो एल्बम के सारे गीत बहुत पसंद किए जाते हैं- Tumi Ele Na, Tumi Jano Na Naki Bojhona लेकिन इसका टाइटल सॉन्ग अपने रिलीज़ होने के बाद से एक तरह से पूजा एंथम बन चुका है. इस गाने को प्रसिद्ध गीतकार स्वर्गीय पुलक बंद्योपाध्याय ने लिखा है और अरूप-प्रनोय द्वारा इसे कंपोज़ किया गया है.

2. ‘NILANJANA’- नचीकेता 

नचिकेता 90 के दशक में बंगाली म्यूज़िक सीन पर छा गए. इस वक़्त कई बेहतरीन कंपोज़र सामने आए. इन्होंने ‘जीवनमुखी गाने’ गाए थे. ये गाने वास्तविक जीवन के क़रीब थे. 1993 में रिलीज़ हुए नचीकेता के एल्बम में सुपरहिट नंबर 'नीलांजना' था. इसने एक हाई-स्कूल रोमांस के बारे में बात की गई है, जहां एक युवा लड़का मैथ क्लास और थिएटर रिहर्सल के बीच अपने पहले प्यार नीलांजना की एक झलक पाने के लिए इंतज़ार करता है.

3. ‘MONE PORE RUBY ROY’- राहुल देव बर्मन

राहुल देव बर्मन का MONE PORE RUBY ROY साल 1984 में रिलीज़ हुआ था. बचपन के प्यार के इस गीत की धुन अनामिका (1972) से ‘मेरी भीगी भीगी सी’ के समान सेट की गई थी. नीलांजना और रूबी रॉय दोनों ही एक-दूसरे के बाद अक्सर प्ले किया जाते थे और पेरेंट्स हमेशा इस बात पर बहस करते रहे हैं कि दोनों में बेहतर कौन है. 

4. ‘CHIRODINI TUMI JE AMAR’- किशोर कुमार

प्रोसेनजीत और विजय पंडित अभिनीत ये गाना 1986 में रिलीज़ हुआ. इसके टाइटल सॉन्ग Chirodini Tumi Je Amar को किशोर कुमार ने गाया था और बप्पी लहरी ने कंपोज किया था. इस गाने को आए 30 साल से ज़्यादा वक़्त गुज़र गया, लेकिन इसका क्रेज़ आज भी बरकरार है. 80 और 90 के दशक में कोलकाता में पले-बढ़े बच्चों के ज़हन में इस गाने की याद आज भी ताज़ा है. लेखक और संपादक देवबती चक्रवर्ती को याद है कि उनके बचपन के दौरान ये गीत एक संकेत था कि पूजा के लिए पंडाल जाने के लिए तैयार होने का वक़्त आ गया है. 

5. ‘TROYEE’- आर.डी. बर्मन

1982 में रिलीज़ हुई देवश्री रॉय और मिथुन चक्रवर्ती अभिनीत फ़िल्म को शायद ज़्यादातर लोग भूल गए होंगे, लेकिन आरडी बर्मन द्वारा रचित TROYEE का संगीत आज भी हर किसी की ज़ुबान पर है. इस एल्बम में रोमांटिक, चुलबुले और उदास ’गीतों का अद्भुत मिश्रण था, जो सभी पूजा पंडालों में बजाए जाते रहे हैं. 

6. ‘TOLO CHHINNO BINA’- आशा भोसले

Ekanta Apon (1987) में अपर्णा सेन और विक्टर बनर्जी हॉटनेस के गोल्ड स्टैंडर्ड हैं. इसके अलावा, इस एल्बम में आरडी बर्मन द्वारा रोमांटिक, सेक्सी और उदास हर मूड के गाने बनाए गए हैं. TOLO CHHINNO BINA गीत एक ‘पारिवारिक गीत’ की तरह है, जो लोगों को अंधेरे के अंत में प्रकाश देखने का आग्रह करता है वास्तव में ये गीत आज के समय की आवश्यकता है.  

7. ‘MOHUA E JOMECHE AAJ MOU’- आशा भोसले

ये गीत एक महिला के बारे में है कि कैसे उसके आसपास की हर चीज़ मादक और नशीली हो गई है, जबसे वो प्यार में पड़ी है, तबसे वो सिर्फ़ प्यार, इच्छा और सपनों के बारे में ही बात करती है. आशा भोंसले ने इस गीत को बेहद शानदार तरीके से गाया था.

8. ‘TOKHON TOMAR EKUSH BOCHOR BODHOI’- आरती मुखर्जी

80 के दशक में इस गाने को बप्पी लहरी ने कंपोज किया था और आरती मुखर्जी ने इसे गाया था. ये गीत एक युवा के दिल टूटने की कहानी बयां करता है, इसे सुबीर मजूमदार द्वारा लिखा गया था.

9. ‘EI TO JIBON’- किशोर कुमार

उत्तम कुमार अभिनीत Ogo Bodhu Sundori गाने को अक्सर लोग अपने पेरेंट्स से छिपाकर ही सुनते हैं. दरअसल, ये गाना अल्कोहल पीने के बारे में हैं. गाने के बोल बेहद ख़ूबसूरत हैं और साथ में बेहतरीन म्यूज़िक सच में मदहोश कर देने वाली है.

10. ‘BAJLO TOMAR ALO BENU’- सुप्रिति घोष

इस गीत को बानी कुमार ने लिखा है और पंकज कुमार मुल्लिक द्वारा कंपोज़ किया गया है. सुप्रिति घोष का ये गीत अक्सर पूजा पंडालों में बजाया जाता है. इस गाने के बोल और संगीत इनता ख़ूबसूरत है कि सुनते-सुनते आपको कब खो जाएंगे, पता भी नहीं चलेगा.

11. ‘SHONO KONO EK DIN’- हेमंत मुखोपाध्याय

हेमंत मुखोपाध्याय का ये गीत अक्सर शाम को पसंदीदा होता था, जब आस-पास के लोग विज़िटर्स के लिए तैयार होते थे और सिर्फ़ क्लासी सॉन्ग ही चुनना चाहते थे. गाने को सुनते ही क़दम ख़ुद-ब-ख़ुद थिरकने को मजबूर हो जाते हैं. वाकई में हेमंत दा के गीत आज भी फ़िज़ां में गूंजते महसूस होते हैं.

12. ‘SAPTAMI TEH PROTHOM DEKA’, COCA COLA AD

महज़ पांच लाइन का ये कोला कोला एड 90s के बंगाली यूथ की ज़ुबान पर था. एड छोटा सा है, लेकिन ये पूरे चार दिन चलने वाली पूजा के दौरान दो युवाओं के एक-दूसरे के क़रीब आने की कहानी बयां कर देता है. 

13. ‘DO GHOONT MUJHE BHI PILA DE SHARABI’- लता मंगेशकर

ये बांग्ला गीत नहीं है फिर इस लिस्ट में शामिल है. जुलूस के दौरान ये गीत अक्सर सुनाई पड़ता था, जो बताता है कि ये त्योहार सिर्फ़ धार्मिक उत्सव ही नहीं है, बल्कि ये अपने आप में पूरी लाइफ़ को सेलिब्रेट करता है.