'गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल' रिलीज़ होते ही विवादों में घिर गई है. जाह्नवी कपूर स्टारर इस फ़िल्म के कुछ सीन्स पर भारतीय वायुसेना (IAF) ने आपत्ति जताते हुए सेंसर बोर्ड को पत्र लिखा है. वायुसेना ने फ़िल्म में बल के ‘अनुचित नकारात्मक’ चित्रण पर आपत्ति दर्ज कराई है.

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भारतीय वायु सेना की लड़ाकू पायलट गुंजन सक्सेना के जीवन पर आधारित ये फ़िल्म बुधवार को Netflix पर रिलीज़ हुई है. IAF ऑफ़िसर गुंजन सक्सेना 1999 की करगिल जंग में हिस्सा लेने वाली पहली महिला पायलट थीं. फ़िल्म का निर्माण करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस ने किया है. फ़िल्म में जाह्नवी कपूर के अलावा पंकज त्रिपाठी और अंगद बेदी भी हैं.

एक अधिकारी ने बताया कि, ‘IAF ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को एक पत्र लिखा है जिसमें फिल्म गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल के कुछ सीन्स पर आपत्ति जताई गई है, जिसमें उसे अनुचित रूप से नकारात्मक ढंग से चित्रित किया गया है.’

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सूत्रों के अनुसार, डिफ़ेंस मिनिस्ट्री ने पिछले महीने कुछ वेब सीरीज में सशस्त्र बलों के जवानों के चित्रण पर कड़ी आपत्ति जताते हुए CBFC को पत्र लिखा था. जिसमें आग्रह किया गया था कि प्रोडक्शन हाउस को सेना से जुड़े किसी विषय पर फ़िल्म, डॉक्यूमेंट्री या वेब सीरीज़ का प्रसारण करने से पहले मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की सलाह दी जा सकती है.

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के जवानों का ‘अपमानजनक चित्रण’ किए जाने के संबंध में मंत्रालय को कुछ शिकायतें मिली थीं. सूत्रों के मुताबिक़, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी विचार के लिए एक पत्र पिछले महीने भेजा गया था.