बॉलीवुड इंडस्ट्री में स्टार सब हैं, लेकिन कलाकार कुछ ही हैं. इरफ़ान ने कभी अपने किसी किरदार के साथ कोई लड़ाई नहीं लड़ी, वो उसे किसी साधारण से कपड़े की तरह पहन लेते थे. उसका हिस्सा बन जाते थे, उसको अपना हिस्सा बना लेते थे.  

Irrfan khan
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इरफ़ान को देखती हूं तो उनमें एक रोमांटिक हीरो नज़र आता है. जो पागलों की तरह चांद-तारे लाने का वादा नहीं करता है या फिर बाहें फैलाकर लड़की से प्यार का इज़हार करता हो. वो तो किसी आम प्रेमी की तरह बस प्यार करना चाहता है. वो प्यार जो आंखों से होता है. जिसमें एक रूमानियत होती है. साथ में हिचकिचाहट भी. वो जो हक़ीक़त में होता है. संकोच, एक दूसरे के सांस रोके इंतज़ार, चाहत और थोड़ा खोए-खोए रहना. इरफ़ान वो कथाकार बने जिसकी हमें ज़रूरत है, ये बात हमें भी नहीं पता थी.  

Irrfan khan death anniversary
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अभिनेता का काम बस रील तक सीमित रहता है. मगर इरफ़ान उसके भी परे थे. उन्हें भले ही 'ख़ान' की तरह नाचना-गाना न अत हो मगर उनकी आंखें हमेशा एक कहानी बुनती रहती थी. हीरो की तरह उन्हें अपने होने का जबरन एहसास नहीं दिलवाना पड़ता था. वो धीरे-धीरे अपनी छाप छोड़ देते थे. आंखों और बातों की ठहराव में जिनको देखते समय आपको ऐसा लगता था मानो आप अपने ही प्रेम को स्क्रीन पर देख रहे हैं. ख़ुद की ज़िंदगी का एक हिस्सा थिएटर में चल रहा हो. 

चमड़े की जैकेट, एब्स, मर्दाना गुण इन सारी चीज़ों से बिल्कुल उल्ट इरफ़ान ये याद दिलाते हैं कि प्यार शांत हो सकता है. उसमें दिखावटी आडंबर नहीं होते हैं. प्यार करने वाला 30 का भी हो सकता है जो पजामा पहनकर आप को सिर्फ़ आम की टोकरी देने आएगा. जो 'पलट-पलट' नहीं आपसे आपके पिता की दिक़्क़तों के बारे में बात करेगा. फिर भले ही वो कब्ज़ क्यों न हो. उनके साथ, आप जो देखते हैं आपको वही मिलता है.    

Irrfan khan dialogues

लंचबॉक्स फ़िल्म में इरफ़ान कहते हैं, "I think we forget things if there is no body to tell them" यानी मुझे लगता है कि हम चीज़ों को भूल जाते हैं अगर उन्हें बताने के लिए कोई नहीं होता है. इस पल में इरफ़ान का वो हाव-भाव आपको अपने सभी पुराने और बिछड़े प्यार की याद दिला देता है. याद दिला देता है कि प्यार इंसान को वल्नरेबल बनाता है. उनकी बातें, हरकतें अब सब स्मृतियों का हिस्सा बन चुकी होती हैं. जो तब तक याद नहीं आती हैं जब तक कोई उन्हें टटोले न. 

ज़ज़्बातों की धीमी आंच में पकती इरफ़ान की हर फ़िल्म आपको हर बार प्यार के और क़रीब ले आती है.  

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