लगातार बढ़ती महामारी और प्रदूषण को देखते हुए इस बार पटाखों पर बैन लगा दिया गया था. बैन होने के बाद भी कुछ लोगों ने पटाखे छोड़ कर प्रदूषण का स्तर बढ़ाने में सहयोग दिया. दिल्ली की आवोहवा इतनी ख़राब हो चुकी है कि चैन की सांस लेना भी मुश्किल हो रखा है.

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इसके बावजूद कई लोगों ने पटाखे बैन होने पर नाराज़गी जताई. ऐसे लोगों पर मॉडल-एक्टर मिलिंद सोमन ने बड़ा सवाल उठाया है. मिलिंद सोमन कहते हैं कि बहुत से लोग पटाखों के प्रतिबंध से खु़श नहीं थे, आश्चर्य है कि क्या वे प्रो वैक्सीन या एंटी वैक्सीन हैं.

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बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 9 नवंबर की आधी रात से 30 नवंबर की मध्यरात्रि तक पटाखों की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था. कमाल की बात ये है कि हम भले ही प्रदूषण से कितनी ही तक़लीफ़ क्यों न झेल लें, लेकिन पटाखों के बिना त्यौहार नहीं मना सकते. भले ही इसका खामियाज़ा हमको दवाइयों पर हज़ारों रुपये ख़र्च करके ही क्यों न भुगतना पड़े. क्यों सही कहा ना, सोचना एक बार?