रियलटी शो Lock Upp में एक तरफ़ जहां झगड़े और पॉलिटिक्स देखने को मिलती है. वहीं, कंटेस्टेंट्स की ज़िंंदगी के कई इमोशनल पहलू भी दर्शकों के सामने आते हैं. ख़ासतौर से जब कंटेस्टेंट एलिमिनेशन राउंड में अपने डार्क सीक्रेट्स शेयर करते हैं. स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी (Munawar Faruqui) के साथ भी कुछ ऐसा ही रहा है. पिछली बार उन्होंने अपनी मां की सुसाइड से जुड़ा दर्दनाक़ क़िस्सा शेयर किया था. उसके बाद अब उन्होंने ख़ुद के साथ हुए यौन शोषण से जुड़ा सीक्रेट (Secret) रिवील किया है. 

Munawar Faruqui
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मुनव्वर (Munawar Faruqui) ने सायशा शिंदे को सेफ़ करने के लिए अपने बचपन से जुड़ा ये सीक्रेट शेयर किया. मुनव्वर ने बताया, 'मैं 6 साल का था. मेरे दो रिश्तेदारों ने क़रीब 4-5 साल तक मेरा यौन शोषण (Sexual Assault) किया. '

इस घटना का ज़िक्र करते हुए मुनव्वर का गला भर आता है. मगर वो आगे कहते हैं कि 'बहुत क्लोज़ फ़ैमिली होती है और कभी-कभी आपको समझ नहीं आता है. मुझे भी उस वक़्त समझ नहीं आता था. हालांकि, एक बार चीज़ बहुत एक्स्ट्रीम हो गई, तब उन लोगों को भी शायद लगा कि अब रूक जाना चाहिए. तब वो चीज़ बंद हुई.'

 Lock Upp
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मुनव्वर (Munawar Faruqui) ने बताया कि उन्होंने ये चीज़ें कभी शेयर नही कीं, क्योंकि, उन्हें फिर लोगों का सामना करना पड़ता. उन्हें परिवार वालों का भी डर था. यहां तक उन्हें ऐसा लगा कि उनके पिता को ये बात मालूम हो चुकी है, क्योंकि, पिता ने उन्हें एक बार डांटा भी था. ऐसे में वो ये बात किसी को नहीं बता पाए. 

फ़ारूक़ी का सीक्रेट सुनकर शो के सभी कंटेस्टेंट इमोशनल हो गए. कंगना रनौत ने ख़ुद अपने साथ बचपन में हुई कुछ ऐसी ही एक घटना का ज़िक्र किया. उन्होंने बताया कि कैसे जब वो छोटी थीं, तो एक थोड़ी बड़ी उम्र का लड़का उन्हें ग़लत ढंग से छूता था. मगर उस वक़्त समझ नहीं आता था कि क्या ये सब क्या हो रहा है. साथ ही, कंगना ने कहा कि ये बहुत से बच्चों की कहानी है. बड़ी संख्या में बच्चों के साथ ऐसा होता है. 

Kangana Ranaut
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बता दें, NCRB डाटा के मुताबिक, साल 2020 में देश भर में यौन अपराधों से बच्चे की रोकथाम (Pocso) अधिनियम के तहत 47,221 मामले दर्ज किए गए थे. हालांकि, ये वो मामले थे, जिन्हें दर्ज किया गया. हज़ारों बच्चे हर साल इस तरह के अपराधों का शिकार होते हैं. घर-बाहर हर जगह. कभी वो इस चीज़ को समझ ही नहीं पाते, तो कभी परिवार और समाज के डर से अपनी बात नहीं रखते. कभी-कभी तो फ़ैमिली भी इस बात का पता लगने के बाद कोई एक्शन नहीं लेती हैं..

ऐसी स्थिति में इस तरह के अपराधों को अंजाम देने वालों का हौंसला बढ़ता है. साथ ही, यौन शोषण का शिकार हुए बच्चों का मनोबल टूटता है और वो ताउम्र इस दर्द के साथ जीने को मजबूर होते हैं.