यूं तो जज़्बात का इज़हार करने के लिए आंखें ही काफ़ी होती हैं, लेकिन जब दर्द आंखों में आंसू बनकर इस क़दर भर जाए कि उसमें से कुछ भी बाहर निकलने की गुंजाइश न बचे, तब चाहे-अनचाहे लबों को आज़ाद छोड़ना पड़ता है. टीवी एक्टर नकुल मेहता ने भी कुछ ऐसा ही किया है.

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“कलाकार मर गया, लेकिन मांस अब भी बाकी है. तुम गिद्धों के लिए...”

नकुल 2020 के काले सच को कविताओं के ज़रिए उजागर कर रहे हैं. 'टू मच डेमोक्रेसी' इसका शीर्षक है. इसमें समाज, राजनीति, मनोरंजन की दुनिया में पिछले साल जो कुछ भी घटा है, उसे कविता के ज़रिए बयां किया गया है.

"सोचो मत, चीर दो, फाड़ दो, नोच लो अपनी चोंच से फोड़ दो उसकी आंखें. छेद दो उसका दिल, गुर्दा फिर ख़ुद बिठाओ अदालतें, पता करो कैसे हुआ ये मुर्दा."

रोंगटे खड़े कर देने वाले 27 मिनट के इस वीडियो में हर रोज़ लोगों के साथ होने वाले शोषण पर बात की गई है. ज़िम्मेदारों की गैर-ज़िम्मेदाराना हरकतों पर से पर्दा उठाया गया है. पूरे वीडियो में कविताएं हैं और बीच-बीच में पिछले साल हुए घटनाक्रम पर कमेंट्री भी. इसमें नकुल पूरी ईमानदारी के साथ बिना किसी का नाम लिए दुनियाभर में फैली गंदगी से पर्दा उठा रहे हैं.

बता दें, ये कविताएं अजय सिंह ने लिखी हैं, जिसे नकुल ने अपनी आवाज़ में पेश किया है. इसमें सिर्फ़ देश की ख़बरों पर ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की घटनाओं पर बात की गई है. 

इंस्टाग्राम पर नकुल ने लिखा, 'हमारी पोएट्री स्पेशल #TooMuchDemocracy अब @kommuneity के यूट्यूब चैनल पर लाइव है. @ajax.singh द्वारा लिखित TMD कविताओं का कलेक्शन है.

इस वीडियो 25 जनवरी को यूट्यूब पर अपलोड किया गया है. अब तक 42 हज़ार से ज़्यादा इसे व्यूज़ मिल चुके हैं. वहीं, 5 हज़ार से ज़्यादा लोगों ने लाइक किया. वाकई में ये वीडियो न सिर्फ़ देखने लायक है, बल्कि इसमें कही बातों पर हमें सोचने की भी ज़रूरत है. 

यहां देखें पूरा वीडियो-