Amruta Subhash: थियेटर से अपना करियर शुरू करने वाली नेशनल अवॉर्ड विनर अभिनेत्री अमृता सुभाष अपनी संजीदा एक्टिंग के लिए जानी जाती हैं. इन्होंने मराठी और हिंदी फ़िल्मों के साथ-साथ टीवी और थियेटर भी किया है. अमृता दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा (NSD) से ग्रेजुएट हैं. इन्होंने ‘गली बॉय’, ‘फ़िराक़’, ‘धमाका’ और ‘सेक्रेड गेम्स’ जैसी फ़िल्मों और वेब सीरीज़ से अपने अभिनय का लोहा मनवाया है. अमृता सुभाष को हाल ही में रिलीज़ हुई लस्ट स्टोरीज़ 2 (Lust Stories 2) में देखा जा रहा है और उनके अभिनय की काफ़ी सराहना भी हो रही हैं.

आइए अमृता सुभाषचंद्र धेम्ब्रे उर्फ़ अमृता सुभाष (Amruta Subhash) के निजी जीवन से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें जानते हैं: 

नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा (NSD) से पासआउट अमृता सुभाष (Amruta Subhash) ने 2004 में मराठी फ़िल्म ‘श्वास’ से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की थी. अमृता उम्दा एक्ट्रेस होने के साथ-साथ अच्छी सिंगर भी हैं. इन्होंने क्लासिकल सिंगिंग की ट्रेनिंग ली है और कई मराठी फ़िल्मों में गाना भी गाया है.

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अमृता सुभाष अपनी मां और सफल अभिनेत्री रह चुकी ज्योति सुभाष से प्रेरणा लेकर फ़िल्मों में आई थीं. मां-बेटी की इस जोड़ी ने कई फ़िल्मों में एक साथ काम किया है, जिनमें ‘आजी’, ‘ज़ोका’, ‘गंधा’, ‘मसाला’, ‘नितल’, ‘वालु’, ‘बाधा’, ‘विहिर’ ‘गली बॉय’ और नाटक ‘कालोखाच्या लेकी’ शामिल हैं. ज्योति सुभाष ने ‘आजी’ में अमृता की दादी और 2009 की फ़िल्म ‘गंधा’ में उनकी मां की भूमिका निभाई थी.

अमृता ने फ़िल्म, वेब सीरीज़, रीजनल सिनेमा के अलावा थियेटर भी किया है. इन्होंने अपने पति संदेश कुलकर्णी द्वारा निर्देशित ‘साथेचा काय करायचा!’ और ‘श्री ताशी साव’ जैसे नाटकों में बेहतरीन अभिनय किया है. संदेश ‘दिल चाहता है’ एक्ट्रेस सोनाली कुलकर्णी के भाई हैं.

अमृता सुभाष ने फ़िल्म अस्तु के लिए 2013 में बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस के National Film Award से नवाज़ा गया था. इसके अलावा, ‘गली बॉय’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का Filmfare Award भी जीता था.

अमृता ने Netflix की ‘बॉम्बे बेगम्स’ में पूर्व बार डांसर लिली की भूमिका निभाई थी, जिसे काफ़ी तारीफ़ मिली थी. इसे अलंकृता श्रीवास्तव ने डायरेक्ट किया था. इसके अलावा, वो अब तक कई सामाजिक मुद्दों को उजागर करने वाली भूमिकाएं निभा चुकी हैं. 2005 की फ़िल्म वाइट रेनबो वृन्दावन की विधवाओं की कहानियों पर आधारित थी, जिसमें उन्होंने एक 15 वर्षीय विधवा की भूमिका निभाई थी, जिसे वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया जाता है. 2009 में फ़िल्म ‘त्या रात्रि पौस होता’ में अमृता ने एक नशे की लत वाली लड़की की भूमिका निभाई थी.

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आपको बता दें, अमृता सुभाष के बारे में ये बात बहुत कम ही लोग जानते हैं कि उन्होंने साल 2012 में मराठी सा रे गा मा पा में हिस्सा लिया था. इसमें वो टॉप 5 में रही थीं और फ़ाइनल में अजय पुरकर, केतकी थट्टे, वैभव मांगले और प्रशांत दामले के साथ कॉम्पीट किया था. इसमें प्रशांत दामले ने टाइटल जीता था.

अमृता सुभाष वाकई एक बेहतरीन अभिनेत्री जिन्होंने अपनी फ़िल्मों और किरदार से साबित भी किया है.