केन्द्र सरकार ने सभी न्यूज़ पोर्टल, ओवर द टॉप (OTT) प्लेटफ़ॉर्म्स जैसे नेटफ़्लिक्स, अमेज़न प्राइम वीडियो, हॉटस्टार, ज़ी5 पर निगरानी रखेगी. Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, ये प्लेटफ़ॉर्म्स सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन होंगे.  

सूचना एवं प्रसारण मंत्री, प्रकाश जावड़ेकर ने पूरे मामले पर न कोई टिप्पणी की और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया.

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राष्ट्रपति राम नाथ कोविड के हस्ताक्षर वाले इस नोटिफ़िकेशन को बीते सोमवार को जारी किया. अब तक OTT प्लेटफ़ॉर्म पर कन्टेंट सीधे डिजिटली प्रसारित होते थे. ये अनरेगुलेटेड कन्टेट थे. जबकि फ़िल्मों के कन्टेंट पर सेन्ट्रल बॉर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन (सीबीएफ़सी), प्रिंट मीडिया पर प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया और न्यूज़ चैनल के कन्टेंट पर न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोशिएशन (एनबीए) नज़र रखता है.  

इस निर्णय से OTT प्लेटफ़ॉर्म अपने हिसाब से कन्टेंट नहीं दिखा पाएंगे और हम तक पहुंचने से पहले कन्टेंट पर काफ़ी 'कट्स', 'एडिट्स' होंगे. The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2019 में सरकार ने OTT प्लेटफ़ॉर्म्स को 'क्या नहीं करना है' कि लिस्ट दे सकती है. सरकार ने प्लेटफ़ॉर्म्स को एक सेल्फ़ रेगुलेटरी बॉडी बनाने के लिए कहा था.  

जनवरी 2019 में 8 वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विसेज़ ने एक गाइडिंग प्रींसिपल्स वाला एक सेल्फ़-रेगुलेटरी कोड साइन किया था. इस कोड के तहत इन स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म्स ने 5 तरह के कन्टेंट न दिखाने का फ़ैसला किया था. सरकार ने इस कोड को समर्थन नहीं दिया था. 

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कोविड19 पैंडमिक के बाद OTT प्लेटफ़ॉर्म्स के दर्शकों में ख़ासा इज़ाफ़ा हुआ है. 

बहरहाल, मीमर्स काम पर ज़रूर लग गए-