ख़ूबसूरती मतलब… परवीन बाबी.


मॉडल, अभिनेत्री परबीन बाबी हिन्दी सिनेमा की सबसे Glamorous अभिनेत्रियों में से एक थी. लगभग 20 सालों के अपने फ़िल्मी करियर में उन्होंने 50 से ज़्यादा फ़िल्में की.  

कौन थीं परवीन? 

गुजरात के जूनागढ़ में एक मुस्लिम परिवार में 4 अप्रैल 1939 को परवीन का जन्म हुआ. उनके पिता जूनागढ़ के नवाब के यहां काम करते थे. परवीन अपने माता-पिता की इकलौती संतान थीं. 

फ़िल्मी सफ़र 

परवीन ने स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई अहमदाबाद में की. उन्होंने अंग्रेज़ी साहित्य में ग्रेजुएशन किया.


परवीन ने 1972 में मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा. एक साल के बाद ही सलीम दुर्रानी के साथ उनकी पहली फ़िल्म ‘चरित्र’ रिलीज़ हो गई. फ़िल्म फ़्लॉप हुई पर परवीन छा गईं. उन्हें कई फ़िल्मों के ऑफ़र मिलने लगे.   

1974 में अमिताभ बच्चन के साथ आई ‘मजबूर’ सुपर-डुपर हिट रही. ज़ीनत अमान के साथ मिलकर परवीन ने भारतीय अभिनेत्रियों की बन चुकी Image को तोड़ा. 

टाइम मैगज़ीन के कवर पर आने वाली सबसे पहली भारतीय एक्ट्रेस परवीन थीं. 

Peeping Moon

स्क्रीन स्पेस कम मिलने पर भी परवीन पर नज़रें टिक जाती थी 

उस दौर (और आज भी) में जब फ़िल्म की कहानी हीरो के ही इर्द-गिर्द घूमती थी और हीरोइन को कम स्पेस मिलता था, पर स्क्रीन पर अगर परवीन बाबी आती थी तो नज़रें उन पर टिक ही जाती थीं.


‘सिलसिला’ फ़िल्म के लिए पहली पसंद परवीन और स्मिता पाटिल थे. बाद में यश चोपड़ा ने इरादा बदल लिया और दोनों को रिजेक्ट कर दिया.   

1983 में अचानक गायब हो गईं 

 किसी को अपनी ख़बर दिए बिना परवीन 1983 में फ़िल्मों से ग़ायब हो गईं. इंडस्ट्री में पहले से ही ख़बरें उड़ रही थीं कि परवीन पर अंडरवर्ल्ड का दबाव था और उनके ग़ायब होने के बाद इन ख़बरों पर मोहर सी लगने लगी.  

फ़िल्मी दुनिया छोड़कर निकल पड़ीं आध्यात्मिक सफ़र पर 

अपने करियर के शीर्ष पर पहुंचकर, 30 जुलाई 1983 को परवीन ने भारत छोड़ दिया और यू.जी.कृष्णामूर्ति के साथ अलग-अलग देशों की यात्रा पर निकल पड़ीं.  

भारत लौटने के बाद 

नवंबर 1989 में वे भारत लौटीं और 6 साल में ही उनमें भारी परिवर्तन आ गया था. अफ़वाहें उड़ने लगीं कि वे अस्वस्थ हैं और Paranoid Schizophrenia से पीड़ित हैं. पर परवीन ने ये बात कभी नहीं स्वीकारी.


कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, परवीन अपने टूटे रिश्तों के कारण अवसाद ग्रसित थीं.  

Whims And Quirks

दूसरों पर लगाया थीं अपनी हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप 

परवीन ने भारत और विदेश की कई जानी-मानी हस्तियों जैसे, बिल क्लिंटन, प्रिंस चार्ल्स, अमेरिकी सरकार, ब्रिटिश सरकार, फ़्रेंच सरकार, बीजेपी, सीबीआई, सीआईए, अमिताभ बच्चन आदि पर उन्हें मारने की साज़िश रचने का आरोप लगाया. कोर्ट में पेटिशन भी दायर की, जिसे सुबूतों के अभाव में कोर्ट ने ख़ारिज किया. 

Masala

रिकॉर्ड करती थी हर फ़ोन कॉल, हर बात 

State Administrator General of the Government of Maharashtra द्वारा मिली नोटबुक्स से पता चला कि परवीन अपनी दिनचर्या की हर छोटी-बड़ी बात लिखती थीं.


कोई पत्रकार उनका इंटरव्यू लेने आता, तो वो उसे भी रिकॉर्ड करती थीं. यही नहीं, वो अपना खाना और पानी उन्हें चख कर देखने को कहती कि कहीं उसमें ज़हर तो नहीं मिला.  

जितनी उतार-चढ़ाव भरी उनकी ज़िन्दगी थी, उतनी ही दर्दनाक थी उनकी मौत 

Pink Villa

22 जनवरी, 2005 को परवीन अपने ही घर में मृत पाई गईं. पुलिस ने बॉडी देखकर संदेह किया कि उनकी मौत 3 दिन पहली ही हुई थी.


Cooper Hospital में करवाए गए पोस्टमोर्टम रिपोर्ट के अनुसार, परवीन की मौत भुखमरी से हुई. ये मान लिया गया कि उनकी मृत्यु डायबटीज़ और Organ Failure से हुई. 

परवीन की ज़िन्दगी जितनी भी विवादित रही हो पर, उनकी फ़िल्मों और उनकी ख़ूबसूरती के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा.