'एस.डी. बर्मन'

संगीत की दुनिया का वो नाम जिनके गीत सदाबहार हैं. यानि उनके गीतों को कभी भी किसी भी मूड में सुना जा सकता है. एस.डी. बर्मन का पूरा नाम सचिनदेव बर्मन था, जिनका जन्म 1 अक्टूबर 1906 में त्रिपुरा के शाही घराने में हुआ था. एस.डी. बर्मन बचपन से ही संगीत के काफ़ी करीब थे. इसलिये उन्होंने अपने पिता से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा भी ली थी. पिता के अलावा उन्होंने भीष्मदेव चट्टोपाध्याय और उस्ताद बादल ख़ान से भी संगीत सीखा था.

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करियर की शुरूआत में उन्होंने कुछ समय के लिये रेडियो में प्रसारित होने वाले लोक-संगीत कार्यक्रमों में भी काम किया, पर उनकी किस्मत में संगीत की दुनिया में नया तूफ़ान लाना लिखा था, इसलिये उन्होंने इस फ़ील्ड में वो कर दिखाया, जो कोई भी संगीतकार आज तक नहीं कर सका.

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एस.डी. बर्मन वो संगीतकार थे, जिन्होंने कभी भी ख़ुद को किसी स्टाइल के म्यूज़िक में बांध कर नहीं रखा. वो जब किसी गीत में हाथ डालते, उसमें जादू सा घोल देते थे. शायद यही वजह है कि उनके गीत युवाओं को कल भी आकर्षित करते थे और आज भी. एसडी बर्मन को भी गाना पुराना नहीं लगता, जब सुनो मूड ही बदल देता है.

इस महान संगीतकार के जीवन की कहानी को चंद लाइनों में लिख कर समाप्त करना उनके साथ नाइंसाफ़ी है. पर हां, संगीतकार के जन्मदिन के मौक़े पर उनके कुछ सदाबहार गीत ज़रूर सुन लेते हैं.

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बर्मन साहब के ये मधुर गीत सुनकर कैसा लगा? हमें कमेंट में बताइयेगा.

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